वाराणसी में ड्रग विभाग की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 2 करोड़ की अवैध कप सिरफ बरामद
यूपी के वाराणसी से एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जिसने न केवल प्रशासन को सतर्क कर दिया है बल्कि नशे के कारोबार की जड़ों तक पहुंचने की चुनौती भी बढ़ा दी है। ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में स्थित एक गोदाम से करीब 2 करोड़ रुपए मूल्य का अवैध कप सिरफ बरामद किया है। यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि बरामद किया गया यह पूरा माल नशे के अवैध कारोबार में इस्तेमाल होने वाला था और इसे यूपी से बिहार होते हुए बांग्लादेश भेजने की तैयारी चल रही थी।
- ड्रग विभाग की बड़ी कार्रवाई
- 2 करोड़ का कफ सिरफ बरामद
- बिहार के रास्ते भेजा जाना था बांग्लादेश
जिम के नीचे छिपा था नशे का जाल
यह छापेमारी रोहनिया थाना क्षेत्र के भदवर गांव में स्थित नेशनल हाईवे-19 के किनारे बने एक जिम के नीचे की गई। यह स्थान आमतौर पर बेहद भीड़भाड़ वाले इलाके में आता है और इसी कारण किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यहां नशे के कारोबार का इतना बड़ा जखीरा छिपाया गया है। ड्रग विभाग की टीम ने जब गोदाम का ताला खोलवाया तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी चौंक गए।
सूत्रों के अनुसार गोदाम में 150 से अधिक पेटियां और बड़े-बड़े बोरे रखे हुए थे, जिनमें अवैध रूप से तैयार कप सिरफ भरा था। इनकी कुल कीमत लगभग 2 करोड़ रुपए आंकी गई है। कप सिरफ नशे के कारोबार में तेजी से इस्तेमाल होने वाला पदार्थ है, जिसका दुरुपयोग लगातार बढ़ रहा है।
तीन शहरों की ड्रग टीमों की संयुक्त कार्रवाई
यह कार्रवाई लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी के ड्रग विभागों की संयुक्त टीम द्वारा की गई। टीम को पहले से ही सूचना मिली थी कि यह माल जल्द ही किसी नई जगह शिफ्ट किया जाने वाला है। मुखबिर की ओर से मिले इनपुट के बाद टीम ने बिना देरी किए छापेमारी की योजना बनाई और बुधवार देर शाम अचानक गोदाम पर पहुंच कर ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया।
अंदर जो कुछ मिला, उसने पूरे विभाग को हैरान कर दिया। न सिर्फ बड़ी मात्रा में अवैध कप सिरफ मौजूद था, बल्कि इसके पैकिंग और सप्लाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं।
गोदाम से आजाद जायसवाल की गिरफ्तारी
‘विशाल’ का नाम आया सामने
छापेमारी के दौरान टीम ने आजाद जायसवाल नाम के एक व्यक्ति को मौके से हिरासत में लिया। पूछताछ में आजाद ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क से ‘विशाल’ नाम का एक व्यक्ति जुड़ा हुआ है, जो नशे के इस सिंडिकेट का बड़ा हिस्सा माना जाता है।
टीम अब विशाल की तलाश में जुट गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरे नेटवर्क का संचालन करता था और माल की खरीद से लेकर राज्यों में अवैध सप्लाई तक के कामकाज को संभालता था।
बिहार और बांग्लादेश तक फैला नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार बरामद की गई यह खेप वाराणसी से बिहार और फिर वहां से बांग्लादेश भेजी जानी थी। नशे के कारोबार में बिहार और बांग्लादेश के बीच एक सक्रिय नेटवर्क की चर्चा पहले भी होती रही है, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में कप सिरफ बरामद होने के बाद अब यह नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर काम करता था, इसका खुलासा होने की उम्मीद है।
गोदाम प्रधान पति का, किराए पर दिया गया था
सूत्रों के अनुसार जिस गोदाम से कप सिरफ बरामद हुआ है, वह भदवर गांव के प्रधान पति का बताया जा रहा है, जिसे किराए पर लिया गया था। हालांकि पुलिस अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है। टीम अब गोदाम मालिक की तलाश में दबिश दे रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह इस अवैध कारोबार से वाकिफ था या नहीं।
कार्रवाई से पहले माल शिफ्ट करने की थी तैयारी
ड्रग विभाग को पिछले कई दिनों से संकेत मिल रहे थे कि यह माल किसी बड़ी जगह नहीं बल्कि ऐसे छोटे गोदामों में छुपाया जा रहा है, जहां आने-जाने वालों पर विशेष नजर नहीं जाती। टीम को यह भी सूचना थी कि इस माल को जल्द ही वाराणसी से हटाकर दूसरे जिले में भेजा जाना है। यही कारण रहा कि टीम ने तुरंत रणनीति बनाकर छापेमारी की। अगर यह कदम एक-दो दिन भी टल जाता, तो संभव था कि यह माल कहीं और भेज दिया जाता और फिर इसकी बरामदगी मुश्किल हो जाती।
स्थानीय नेटवर्क पर भी गिरेगी गाज
प्रारंभिक जांच में यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि इस पूरे ऑपरेशन में कई स्थानीय लोग शामिल हो सकते हैं। गोदाम का लोकेशन, जिम के नीचे इतनी बड़ी मात्रा में माल छुपाना, बिना किसी शक के इतने लंबे समय तक कार्य करना—ये सब तब ही संभव है जब स्थानीय स्तर पर किसी न किसी का संरक्षण मिला हो। पुलिस और ड्रग विभाग अब कॉल डिटेल, बैंक लेनदेन और गोदाम की CCTV फुटेज खंगाल रहे हैं। इससे इस नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं।
वाराणसी के लिए बड़ी चेतावनी
इस कार्रवाई ने वाराणसी प्रशासन को भी झकझोर दिया है। क्योंकि शहर धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से अंतरराष्ट्रीय महत्व रखता है। ऐसे में नशे का इतना बड़ा जखीरा मिलना चिंताजनक है। ड्रग विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसी और भी कार्रवाई की जाएंगी ताकि नशे के नेटवर्क को पूरी तरह से तोड़ा जा सके। फिलहाल आजाद जायसवाल से लगातार पूछताछ हो रही है और उसके बयानों के आधार पर टीम कई जगह छापेमारी कर रही है। इस छापेमारी को नशे के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, लेकिन साथ ही यह भी साफ है कि यह नेटवर्क कितना गहरा और मजबूत है, इसका खुलासा अभी बाकी है।