अगले दो दिन तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने का खतरा
भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अगले 48 घंटे प्रदेश के कई हिस्सों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सबसे गंभीर स्थिति भिंड जिले की मानी जा रही है, जहां अत्यधिक वर्षा की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं ग्वालियर, दतिया, मुरैना, शिवपुरी, टीकमगढ़, निवाड़ी, राजगढ़, रतलाम और आगर-मालवा सहित कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण लगातार बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बिजली गिरने की घटनाओं की भी आशंका जताई गई है, जिसके चलते लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। अगले 12 घंटे में इसके कमजोर होने की संभावना है। इसी कारण 11 जुलाई के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है, लेकिन मानसून पूरी तरह विदा नहीं होगा। कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना बनी रहेगी।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड अंचल के जिलों को हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी है। इन क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्ग बाधित होने की आशंका भी जताई गई है।
राजधानी भोपाल सहित इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर, नर्मदापुरम, शहडोल और महाकौशल संभाग के अधिकांश जिलों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। इन क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के छोटे दौर भी देखने को मिल सकते हैं।
लगातार हो रही वर्षा के कारण कई जिलों में खेतों में पानी भरने लगा है। खरीफ फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक मानी जा रही है, लेकिन अत्यधिक वर्षा होने पर सोयाबीन, उड़द और मूंग जैसी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों और सड़कों पर भी असर पड़ सकता है।
प्रशासन ने सभी जिला अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट मोड पर रखा गया है। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण नहीं लेने तथा मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है। किसानों को भी खेतों में काम करते समय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो दिन प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून का असर बना रहेगा। इसके बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन जुलाई के मध्य तक रुक-रुक कर वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन और आम नागरिकों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।





