अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर को लेकर एक बार फिर बड़ा दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश बड़े युद्ध के बेहद करीब पहुंच चुके थे और हालात इतने गंभीर थे कि यह टकराव परमाणु संघर्ष में बदल सकता था। उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच लड़ाई के दौरान 11 विमान गिराए गए और अगर संघर्ष नहीं रुकता तो लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। ट्रंप ने एक बार फिर खुद को नोबेल शांति पुरस्कार का मजबूत दावेदार बताते हुए कहा कि उन्होंने दुनिया के आठ युद्ध और संघर्ष सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, भारत पहले ही अमेरिका की मध्यस्थता से जुड़े ट्रंप के दावों को स्पष्ट रूप से खारिज कर चुका है।
भारत-पाकिस्तान के बीच टकराव को परमाणु युद्ध में बदलने से रोकने का ट्रंप ने एक बार फिर लिया श्रेय
यूनाइटेड किंगडम में रॉयल एयर फोर्स मिल्डेनहॉल पर एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान तनाव का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच करीब एक सप्ताह से जबरदस्त संघर्ष चल रहा था और स्थिति तेजी से नियंत्रण से बाहर जा रही थी। ट्रंप के मुताबिक इस दौरान 11 विमान गिराए गए और दोनों परमाणु हथियार संपन्न देश एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुके थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अगर समय रहते टकराव नहीं रोका जाता तो परिणाम पूरी दुनिया के लिए भयावह हो सकते थे। ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्होंने भी संघर्ष रोकने में अमेरिकी राष्ट्रपति की भूमिका की तारीफ की थी।
ट्रंप ने 200 प्रतिशत टैरिफ की चेतावनी को बताया अपना सबसे बड़ा हथियार, भारत और पाकिस्तान पर दबाव बनाने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान को व्यापार के मोर्चे पर कड़ी चेतावनी देकर संघर्ष रोकने के लिए मजबूर किया। ट्रंप के मुताबिक उन्होंने दोनों देशों से साफ कहा था कि अगर लड़ाई जारी रही तो अमेरिका उनके उत्पादों पर 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकता है। उन्होंने कहा कि यही संदेश भारत और पाकिस्तान दोनों को दिया गया था। ट्रंप का दावा है कि आर्थिक दबाव की आशंका ने दोनों पक्षों को पीछे हटने पर मजबूर किया और बड़े युद्ध को टाल दिया गया। उन्होंने यहां तक कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनकी भूमिका का जिक्र करते हुए 3 से 5 करोड़ लोगों की जान बचने की बात कही थी। ट्रंप के अनुसार वास्तविक संख्या इससे भी कहीं ज्यादा हो सकती थी।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ा था तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने आतंकी ठिकानों पर किया था प्रहार
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद तेजी से बढ़ा था। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। भारत की इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ गया था। इसी घटनाक्रम को लेकर ट्रंप लगातार दावा करते रहे हैं कि अमेरिका ने हालात सामान्य करने में भूमिका निभाई। हालांकि, नई दिल्ली ने तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से जुड़े ऐसे दावों को स्वीकार नहीं किया है और अपना रुख पहले की तरह स्पष्ट रखा है।
भारत ने अमेरिकी मध्यस्थता के दावे को पहले ही नकारा, दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों की सीधी बातचीत को बताया वजह
नई दिल्ली का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर किसी तीसरे देश की मध्यस्थता से नहीं हुआ था। भारतीय पक्ष के मुताबिक दोनों देशों के मिलिट्री ऑपरेशन्स के डायरेक्टर जनरल के बीच सीधे संपर्क और बातचीत के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। भारत लगातार यह दोहराता रहा है कि पाकिस्तान के साथ लंबित मामलों का समाधान द्विपक्षीय स्तर पर ही किया जाएगा। किसी तीसरे देश या बाहरी शक्ति की मध्यस्थता को लेकर भारत का रुख लंबे समय से साफ है। इसके बावजूद डोनाल्ड ट्रंप कई मौकों पर भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोकने का श्रेय खुद को देते रहे हैं। उनके ताजा बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय और राजनीतिक चर्चा में आ गया है।
आठ युद्ध सुलझाने का दावा कर ट्रंप ने फिर मांगा नोबेल शांति पुरस्कार, बोले- मुझसे ज्यादा कोई हकदार नहीं
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान का जिक्र करते हुए अपने नोबेल शांति पुरस्कार के दावे को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि दुनिया में संघर्ष खत्म कराने के उनके रिकॉर्ड की तुलना किसी अन्य व्यक्ति से नहीं की जा सकती। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने आठ युद्ध या बड़े टकराव सुलझाने में भूमिका निभाई है। इस दौरान उन्होंने अजरबैजान और आर्मेनिया के साथ डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और रवांडा के बीच हुए संघर्षों का भी उल्लेख किया। वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि मचाडो भी उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार बता चुकी हैं। ट्रंप ने अपनी खास कार्यशैली और व्यक्तित्व को संघर्ष सुलझाने की ताकत बताते हुए कहा कि युद्ध रोकने के मामले में उनके जैसा काम किसी ने नहीं किया। अब भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर उनके ताजा दावे ने एक बार फिर पुरानी बहस को हवा दे दी है।




