क्या आपको पता है चावल पकाने का सही तरीका: प्रेशर कुकर vs पतीला — सेहत और स्वाद की कसौटी पर कौन बेहतर?
चावल हर भारतीय थाली का अहम हिस्सा है, लेकिन इसे पकाने का तरीका आपके स्वास्थ्य और स्वाद अनुभव को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है। आइए जानते हैं दोनों तरीकों की तुलना में कौन सा बेहतर है:
चावल हमारे देश में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला पोष्टिक अनाज है। कई लोग चावल खाए बगैर नहीं रह सकते, लोगों की थाली में चवल न हो तो पेट नहीं भरता।
भारत में चावल की सबसे अधिक खपत छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, त्रिपुरा,पश्चिम बंगाल, असम, कर्नाटक और महाराष्ट्र में होती है। बच्चों को सबसे अधिक दाल के साथ चावल खाना ही पसंद होता है। लेकिन हर गृहणी का चावल पकाने का अपना तरीका अलग होता है। अधिकांश घरों में लोग प्रेशर कुकर का उपयोग करने लगे हैं। यह लोग प्रेशर कुकर में चावल पकाते हैं तो कुछ लोग अब भी पतीले में चावल पकाना पसंद करते हैं। पहले के जमाने में लोग चावल पतीले में पकाते थे। फिर पतीले के चावल से अतिरिक्त पानी भी निकाल देते थे। चावल पकाने का यह तरीका स्वास्थ्य के लिहाज से सबसे उत्तम बताया जाता है।
पतीले में पका चावल होता है सेहत के लिए बेहतर
पोषक तत्व बरकरार रहते हैं। धीमी आंच पर पकने से चावल में मौजूद विटामिन B, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट अधिक मात्रा में सुरक्षित और मौजूद रहते हैं। स्टार्च भी कम होता है। अतिरिक्त पानी डालकर पकाया चावल छानने पर एक्स्ट्रा स्टार्च निकल जाता है। जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद मिलती है। कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स रहता है। यह तरीका डायबिटिक मरीजों के लिए अधिक उपयुक्त है। स्वाद में भी बेहतर रहता है। चावल दानेदार, फूला हुआ और अधिक स्वादिष्ट होता है, खासकर पुलाव या बिरयानी के लिए।
प्रेशर कुकर में चावल पकाना — सुविधा, लेकिन कुछ नुकसान
तेजी से पकता है। यह तरीका समय की बचत करता है, जो व्यस्त जीवनशैली में सहायक है। पोषण हानि अत्यधिक भाप और दबाव के कारण कुछ जरूरी पोषक तत्व जैसे विटामिन B नष्ट हो सकते हैं। स्टार्च बरकरार रहता है। चावल ज्यादा चिपचिपा और भारी हो सकता हैं जो वजन बढ़ाने में योगदान दे सकता है। स्वाद थोड़ा फीका और दाने अक्सर चिपकते हैं और अलग-अलग नहीं रहते।
अगर आपके पास समय और संयम है, तो पतीले में पकाया गया चावल स्वास्थ्य और स्वाद दोनों में बेहतर है। अगर सुविधा और जल्दी पकाने की जरूरत हो, तो प्रेशर कुकर एक बेहतर विकल्प हो सकता है, लेकिन पोषण और स्वाद से थोड़ा समझौता करना होगा। सेहत के लिहाज से, पतीले में चावल पकाना ज्यादा फायदेमंद और पारंपरिक रूप से सही तरीका है।
वैसे स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि डायबिटिक, मोटापे से ग्रसित या हार्ट पेशेंट के लिए पतीले में पकाया चावल ज्यादा बेहतर होता है। अगर समय की कमी हो, तो कभी-कभी कुकर का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन इसे आदत न बनाएं।..(प्रकाश कुमार पांडेय)





