देश भर में आज दीपावली का उल्लास नजर आ रहा है। इस बार दीपावली पर पांच शुभ योग बन रहे हैं। ज्योतिषियों की माने तो कुंभ राशि में शनि के मार्गी होने से शश योग बन रहा है। मंगल और सूर्य की युति भी राजयोग बन रहा है। इसके अलावा आयुष्मान और तुला राशि में बुधादित्य, सर्वार्थ सिद्धि योग ने आज दीपावली की पूजा को विशेष फलदायी बना दिया है। ऐसे संयोग करीब 500 साल बाद बन रहे हैं। जिसके चलते मंदिरों और घरों में विशेष पूजा और अनुष्ठान होंगे। वहीं दीपावली पर्व की पूर्व बेला में शनिवार को देर रात तक बाजारों में पूजन सामग्री के साथ प्रसाद, मिठाई, लक्ष्मी प्रतिमा, आतिशबाजी और सजावटी सामान की खरीदारी हुई।
- देशभर में दीपावली पर्व का उल्लास
- 100 साल में 16वीं बार रविवार को दीपोत्सव
माता लक्ष्मी की पूजा के लिए इस बार 6 शुभ मुहूर्त हैं। यह मुहूर्त दोपहर 1.15 से रात 2.32 तक रहेंगे। इन मुहूर्त में हर वर्ग के लोग यानी घर, दुकान, ऑफिस और कारखाने में अपने अपने हिसाब से खास मुहूर्त पर पूजा कर सकते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार इस बार इस तरह के शुभ योग भी बन रहे हैं कि यह लक्ष्मी पूजन ही नहीं नए कामों की शुरुआत के लिए भी शुभ रहेंगे। दीपावली पर 8 शुभ योग बने हैं। जिनमें 5 राजयोग और दूसरे 3 शुभ योग हैं। ज्योतिषिणना के अनुसार ऐसा संयोग पिछले 700 वर्ष में नहीं बना था। कहा जाता है कि आज ही के दिन भगवान श्री राम वनवास पूरा कर अयोध्या नगरी वापस लौटे थे। ऐसे में दिवाली के इस शुभ दिन कुछ उपाय की मदद से आप पूरे साल भर मां लक्ष्मी का आशीर्वाद हासिल कर सकते हैं। आज के दिन ये आपको सुख-समृद्धि और सौभाग्य का वरदान मिल सकता है।
शश योग
शश योग में दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजा से खूब मान-सम्मान, प्रतिष्ठा और ऊंचा पद हासिल करता है।
राजयोग
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कुंडली में राजयोग तभी बनाता हैं जब बृहस्पति ग्रह कुंडली के उच्च भाव में विराजमान होता है। ऐसे में संबंधित व्यक्ति को हर प्रकार की सुख सुविधा प्राप्त होती है।
आयुष्मान योग
इस योग में किए गए कार्य लंबे समय तक शुभ फल देते रहते हैं। जीवनभर इनका असर बने रहने के कारण इसे आयुष्मान योग कहा जाता है।
बुधादित्य योग
सूर्य और बुध ति की युति होने पर बुधादित्य योग में बनता है। इस योग में जातक को करियर और कारोबार में तरक्की और उन्नति मिलती है। सूर्य और बुध की यति होने पर बुधादित्य योग बनता है। इस योग में जातक को कॅरियर और कारोबार में तरक्की और उन्नति मिलती है।
सर्वार्थ सिद्धि योग
इसमें सभी कार्य सिद्ध होते हैं। खरीदारी से लेकर बीमा पॉलिसी और बैंकिंग आदि के लिए इस योग को शुभ माना जाता है।
दीपावली का रविवार कनेक्शन
आज रविवार को दीवापली का उल्लास नजर आ रहा है। 100 साल में यानी 1923 से 2023 तक ऐसा 16वां मौका है जब दिवाली रविवार को मनाई जा रही है। इसके साथ ही यह संयोग है कि 1947 में जब देश अंग्रेजों से आजाद हुआ था तब भी 12 नवंबर को ही दिवाली मनाई गई थी। साल 1935 में 27 अक्टूबर को रविवार के दिन दीपावली मनाई थी। इसके बाद 8 नवंबर 1942, 4 नवंबर 1945, 28 अक्टूबर 1982, 24 अक्टूबर 1965, 9 नवंबर 1969, 21 अक्टूबर 1979, 2 नवंबर 1986, 29 अक्टूबर 1989, 25 अक्टूबर 1992, 10 नवंबर 1996, 7 नवंबर 199, 3 नवंबर 2013, 30 अक्टूबर 2016 और रविवार 27 अक्टूबर 2019 में रविवार को दीपावली मनाई गई थी।





