Diwali 2025: दीवाली पर आज करें ये काम….मां लक्ष्मी के साथ मिलेगा श्री हरि विष्ण का आशीर्वाद

Diwali Goddess Lakshmi and Lord Vishnu

Diwali 2025: दीवाली पर आज करें ये काम, मां लक्ष्मी के साथ मिलेगा श्री हरि विष्ण का आशीर्वाद

दीपों का महापर्व — दीपावली, जिसे अंधकार पर प्रकाश की विजय, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना गया है, इस साल 20 अक्टूबर 2025, सोमवार को पूरे देश में हर्ष और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। यह दिन मां लक्ष्मी और भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना का अत्यंत शुभ अवसर है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजन करता है, उसके घर में धन, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि का वास होता है।

दीपावली का महत्व
प्रकाश, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा का पर्व

दीपावली केवल दीयों और रोशनी का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मशुद्धि का प्रतीक भी है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन मां लक्ष्मी पृथ्वी लोक पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों के घरों में स्थायी निवास देती हैं। भगवान विष्णु की कृपा और मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से व्यक्ति के जीवन से दरिद्रता और संकट दूर होते हैं। यह दिन नव आरंभ, सकारात्मकता और कर्म की शुद्धता का संदेश देता है।

तुलसी पूजन का विशेष महत्व

दीपावली के दिन तुलसी पूजन का अत्यंत महत्व माना गया है। तुलसी भगवान विष्णु की प्रिय है और लक्ष्मीजी का अवतार मानी जाती हैं। शास्त्रों में लिखा है कि “जहां तुलसी का वास है, वहां लक्ष्मी का निवास है। इसलिए दीपावली की सुबह तुलसी पूजन से शुरुआत करना अत्यंत शुभ माना गया है।

पूजन विधि

तुलसी के पौधे में शुद्ध जल चढ़ाएं। तुलसी के सामने घी का दीपक जलाएं।
तुलसी चालीसा या “ॐ तुलस्यै नमः” मंत्र का जप करें। अंत में तुलसी आरती करें और प्रसाद चढ़ाएं। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और मां लक्ष्मी व श्री हरि विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

करें ये शुभ कार्य

दीपावली पर कुछ विशेष कार्यों को करने से सौभाग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है घी का दीपक जलाएं: शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर पांच दीपक जलाएं — चार कोनों पर और एक तुलसी के पास।
लक्ष्मी पूजन करें: लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों को लाल आसन पर स्थापित करें। उन्हें स्नान, वस्त्र, चंदन और पुष्प अर्पित करें। कुबेर पूजन करें: तिजोरी, पर्स और धन के स्थान पर कुबेर देव का पूजन करें। दान-पुण्य करें: जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या दीपदान करने से पापों का क्षय होता है। शंखनाद करें: पूजन के अंत में शंख बजाना अत्यंत शुभ माना गया है, इससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।

दिवाली पर क्या न करें
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, दिवाली की रात को कुछ कार्य करने से बचना चाहिए
घर में झगड़ा, वाद-विवाद या नकारात्मक बातें न करें। तेल या झाड़ू खरीदने से बचें। रात के समय किसी को दूध, दही या अनाज उधार न दें। इनसे धन-संबंधी बाधाएं और दरिद्रता आ सकती है।

दीपावली और आध्यात्मिक अर्थ

दीपावली के दीयों की रोशनी केवल घरों को ही नहीं, बल्कि मन के अंधकार को भी दूर करती है। यह पर्व हमें सत्कर्म, सच्चाई और समरसता की ओर प्रेरित करता है। यह वही दिन है जब भगवान श्रीराम 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। तब अयोध्यावासियों ने उनके स्वागत में घी के दीप जलाकर पूरे नगर को प्रकाशमय कर दिया था। तभी से यह पर्व सदियों से अंधकार पर प्रकाश की विजय के रूप में मनाया जाता है।

तुलसी पूजन से मिलता है लक्ष्मी-विष्णु आशीर्वाद

शास्त्रों के अनुसार, तुलसी देवी श्रीहरि की अर्धांगिनी हैं। कहा गया है कि जहां तुलसी और दीपक का संगम होता है, वहां सदैव देवी-देवताओं का वास रहता है।
दीपावली के दिन तुलसी पूजन करने से जीवन के संकट और रोग दूर होते हैं। धन-समृद्धि और सुख बढ़ता है। घर-परिवार में शांति और सौहार्द बना रहता है। इस दिन यदि श्रद्धा से “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या “ॐ लक्ष्म्यै नमः” का जाप किया जाए, तो अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

समृद्धि और सकारात्मकता का संकल्प

दीपावली केवल पूजा का अवसर नहीं, बल्कि सकारात्मकता, आत्म-सुधार और दान की भावना को जागृत करने का पर्व है। इस दिन एक दीपक पितरों की स्मृति, एक देवताओं की आराधना, एक गरीब की सहायता, और एक प्रकृति के संरक्षण के लिए जलाना चाहिए। यही सच्चे अर्थों में दीपावली का संदेश है — अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ना।
Diwali 2025 न केवल घरों को रौशन करेगी, बल्कि अगर हम तुलसी पूजन और लक्ष्मी-विष्णु आराधना से इस दिन की शुरुआत करें, तो जीवन के अंधियारे भी प्रकाशमय हो सकते हैं। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि सच्ची समृद्धि केवल धन से नहीं, बल्कि श्रद्धा, प्रेम और सद्कर्म से आती है। इस दीपावली पर तुलसी के सामने दीप जलाएं, माता लक्ष्मी और श्री हरि का ध्यान करें, और संकल्प लें “हर मन में उजियारा हो, हर घर में सुख-संवारा हो।

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