मध्यप्रदेश विधानसभा: वर्दी में बवाल.. सदन सवाल…विपक्षी विधायकों ने क्यों पहनी एमपी पुलिस की वर्दी….

वर्दी में बवाल…विपक्ष का सवाल…विपक्षी विधायकों ने क्यों पहनी एमपी पुलिस की वर्दी….

मध्यप्रदेश विधानसभा में बुधवार को अलग ही नजारा दिखाई दिया। यहां सभी विपक्षी विधायक पुलिस की वर्दी में नजर आ रहे थे। दरअसल पुलिस कांस्टेबल भर्ती घोटाले पर कांग्रेस ने सदन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिं​घार ने कहा कि यह व्यापम पार्ट 2 है।

मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर में आज पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा घोटाले को लेकर कांग्रेस विधायकदल का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने पुलिस की प्रतीकात्मक वर्दी पहनकर प्रदर्शन किया और जोरदार नारेबाजी की। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि यह घोटाला व्यापम पार्ट 2 है और इसकी निष्पक्ष न्यायिक जांच कर दोषियों को सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया।

मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब कांग्रेस विधायक खाकी वर्दी पहनकर विधानसभा पहुंचे। यह प्रदर्शन राज्य में हाल ही में आयोजित हुई पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर था। कांग्रेस विधायकों ने इस परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। खाकी वर्दी में पहुंचे कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर जोरदार नारेबाजी की।
उन्होंने सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि पुलिस भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता से कोसों दूर रही। विधायकों का कहना है कि इस भर्ती घोटाले से हजारों बेरोजगार युवाओं के सपनों को तोड़ा गया है और उनका भविष्य अधर में लटक गया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सदन में पुरजोर तरीके से उठा रही है।

विधायकों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रदेशभर में पहले से ही नाराजगी है। कई युवा संगठनों और अभ्यर्थियों ने भी जांच की मांग की है। कांग्रेस अब इस मुद्दे को सदन से सड़क तक ले जाने की रणनीति बना रही है। पार्टी का दावा है कि यह भर्ती प्रक्रिया युवाओं के साथ सरासर अन्याय है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इससे पहले मंगलवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के सातवें दिन जबलपुर के विक्टोरिया अस्पताल का मुद्दा विपक्ष ने उठाया था। अस्पताल में फर्जी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर नियुक्ति का मामला सदन में गरमा गया। कांग्रेस की ओर से विधायक लखन घनघोरिया ने इसे ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए सदन में उठाया और आरोप लगाया कि जबलपुर के अस्पताल के एक अधिकारी की शैक्षणिक योग्यता पूरी तरह से फर्जी है। उन्हानें कहा इसकी पुष्टि राजय के शिक्षा मंत्री ने स्वयं की है।

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