मानसून में डायबिटीज के मरीज रहें सतर्क…ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए अपना सकते हैं ये उपाय…
मानसून का मौसम एक ओर जहां राहत और ताजगी लेकर आता है। वहीं दूसरी ओर यह कई बीमारियों को भी जन्म देता है। खासकर डायबिटीज यानी मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए यह मौसम कुछ खास चुनौतियां लेकर आता है। मौसम में उमस, संक्रमण का बढ़ता खतरा और दिनचर्या में बदलाव के कारण ब्लड शुगर का स्तर असंतुलित हो सकता है। ऐसे में मधुमेह मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
इम्यूनिटी बढ़ाने वाला खानपान अपनाएं
स्वच्छ और पोषक आहार लें
घर का बना खाना
अच्छी तरह धुली सब्जियां-फल
एंटीऑक्सीडेंट युक्त चीजें (हल्दी, तुलसी, अदरक)
स्ट्रीट फूड से बचें
बारिश के मौसम में बाहर का खाना खाने की ललक बढ़ जाती है, लेकिन स्ट्रीट फूड और अधपका खाना संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है। डायबिटीज के मरीजों को चाहिए कि वे घर का बना ताजा भोजन करें, जिसमें भरपूर एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व हों। सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं। दालें, हरी सब्जियां, हल्दी, अदरक और तुलसी जैसे तत्व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं।
पैरों की खास देखभाल करें
पैर सूखे और साफ रखें
गीले मोजे न पहनें
चोट से बचें
आरामदायक और बंद जूते पहनें
मधुमेह रोगियों को पैरों में चोट लगने या फंगल इंफेक्शन का खतरा ज्यादा होता है। विशेषकर जब पैर गीले या गंदे हों। इसलिए इस मौसम में पैरों को सूखा रखें। गीले मोजे न पहनें साफ और कटे हुए नाखून रखें। नंगे पैर न चलें।।आरामदायक और बंद जूते पहनें।
ब्लड शुगर की नियमित जांच करें
हर कुछ दिनों में ग्लूकोज मॉनिटर करें
खानपान, तनाव, और मौसम बदलाव पर नजर रखें
लो और हाई शुगर के लक्षण पहचानें
मानसून में नमी और तापमान में बदलाव के कारण इंसुलिन की प्रभावशीलता पर असर पड़ सकता है। ऐसे में खानपान, तनाव या व्यायाम के अनुसार ब्लड शुगर कम या ज्यादा हो सकता है। इसलिए हर कुछ दिनों में शुगर की जांच करना जरूरी है।
घर के अंदर भी करें व्यायाम
बारिश में भी एक्टिव रहें
योग, स्ट्रेचिंग, वॉक इनडोर
30 मिनट की लो इंटेंसिटी कसरत रोज करें
बारिश के दिनों में अक्सर वॉक या जिम जाने का रूटीन प्रभावित हो जाता है। ऐसे में विशेष सावधानी रखना चाहिए…आपको घर में भी गतिशील रहना जरूरी है। बारिश के दिनों में घर पर ही योग, स्ट्रेचिंग या लो इंटेंसिटी एक्सरसाइज जैसे 20 से 30 मिनट की कसरत अवश्य करें। इससे ब्लड शुगर नियंत्रित रहती है और मन भी तरोताजा रहता है।
हाइड्रेटेड रहना जरूरी
भरपूर पानी पिएं (भले प्यास न लगे)
हर्बल टी, नींबू पानी, infused water
डिहाइड्रेशन से शुगर लेवल असंतुलित हो सकता है
मानसून में पसीना कम आता है, इसलिए प्यास का एहसास भी कम होता है। लेकिन शरीर में पानी की कमी से ग्लूकोज स्तर बढ़ सकता है। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। नींबू पानी, हर्बल टी या फल-संक्रमित (infused) पानी भी हाइड्रेशन में मदद करते हैं। मानसून का आनंद उठाने के लिए जरूरी है कि डायबिटीज के मरीज अपनी दिनचर्या और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। पौष्टिक आहार, स्वच्छता, नियमित व्यायाम और शुगर मॉनिटरिंग से इस मौसम में भी स्वास्थ्य को संतुलित रखा जा सकता है। …(प्रकाश कुमार पांडेय)





