लखनऊ – उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी आकांक्षात्मक विकास खंड योजना के तहत 2024-25 की वार्षिक डेल्टा रैंकिंग जारी कर दी गई है। योजना के तहत करीब 108 आकांक्षात्मक विकास खंडों के प्रदर्शन का आकलन स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचा और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में किया गया। जिसमें यूपी के जालौन, रामपुरा, देवकली, विष्णुपुरा और मड़िहान जैसे विकास खंडों ने समग्र प्रदर्शन में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री देंगे पुरस्कार और प्रोत्साहन राशि
डेल्टा रैंकिंग के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विकास खंडों को राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं सम्मानित करेंगे।। प्रथम स्थान पर रहे विकास खंड को ₹2.5 करोड़, द्वितीय को ₹1.5 करोड़, तृतीय को ₹1 करोड़, और अन्य शीर्ष 5 में शामिल विकास खंडों को ₹50-50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा में जालौन का दबदबा
रामपुरा (जालौन) ने स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में सर्वोच्च रैंक प्राप्त की है।
जालौन (जालौन) और खेसराहा (सिद्धार्थनगर) ने क्रमशः दूसरा स्थान प्राप्त किया।
शिक्षा क्षेत्र में जालौन पहले, रामपुरा दूसरे और देवकली (गाजीपुर) तीसरे स्थान पर रहे।
कृषि और अधोसंरचना में भी दिखा सुधार
कुशीनगर जिले की विष्णुपुरा विकास खंड ने कृषि और संबद्ध सेवाओं में पहला स्थान पाया है। टांडा (अंबेडकरनगर) और संभल क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। बुनियादी ढांचे की श्रेणी में सैदनगर (रामपुर) पहले स्थान पर रहा, जबकि नवाबगंज (फर्रूखाबाद) और असफपुर (बदायूं) ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
सामाजिक विकास में मड़िहान और पूरनपुर आगे
सैदनगर (रामपुर) ने सामाजिक विकास में पहला स्थान हासिल किया। पूरनपुर (पीलीभीत), मड़िहान (मीरजापुर) और राजपुरा (संभल) ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इस श्रेणी में शुकुलबजार (अमेठी) और गौरीबजार (देवरिया) सबसे पीछे रहे।
समग्र रैंकिंग में जालौन अव्वल
जालौन (जालौन) – पहला स्थान
रामपुरा (जालौन) – दूसरा स्थान
देवकली (गाजीपुर) – तीसरा स्थान
विष्णुपुरा (कुशीनगर) – चौथा स्थान
मड़िहान (मीरजापुर) – पांचवां स्थान
यह डेल्टा रैंकिंग और प्रोत्साहन राशि की नीति उन विकास खंडों को प्रेरणा दे रही है जो अब तक पीछे रहे हैं। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित करना है, जिससे ग्राम्य क्षेत्रों में जीवन स्तर बेहतर हो सके और विकास की नई मिसालें कायम हों। ..(प्रकाश कुमार पांडेय)





