चीन में आर्थिक रणनीति पर मंथन, शी चिनफिंग ने विपक्षी दलों और विशेषज्ञों से मांगे सुझाव

Deliberations on economic

बीजिंग। चीन की अर्थव्यवस्था को नई गति देने और वर्ष 2026 की दूसरी छमाही की आर्थिक रणनीति तय करने के लिए चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। 24 जुलाई को बीजिंग में हुई इस बैठक में विभिन्न लोकतांत्रिक दलों, राष्ट्रीय उद्योग एवं वाणिज्य संघ के प्रतिनिधियों और पार्टी से बाहर की प्रमुख हस्तियों से मौजूदा आर्थिक स्थिति और भविष्य की नीतियों पर सुझाव लिए गए। बैठक की अध्यक्षता सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव Xi Jinping ने की।

आर्थिक चुनौतियों पर सर्वदलीय विचार-विमर्श

घरेलू मांग बढ़ाने और सुधारों पर जोर

विज्ञान-तकनीक आधारित विकास को मिलेगी गति

उच्च स्तरीय खुलेपन और जोखिम प्रबंधन पर फोकस

वर्ष की दूसरी छमाही के लिए आर्थिक रोडमैप तैयार

बैठक में वर्ष 2026 की पहली छमाही के आर्थिक प्रदर्शन की समीक्षा की गई और दूसरी छमाही के लिए विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। शी चिनफिंग ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू चुनौतियों के बावजूद चीन की अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया है और दबाव के बीच भी विकास की दिशा बनाए रखी है।

उन्होंने कहा कि सीपीसी केंद्रीय समिति के नेतृत्व में विभिन्न विभागों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया है। इसके परिणामस्वरूप चीन की अर्थव्यवस्था ने नवाचार, औद्योगिक विकास और स्थिरता के क्षेत्र में सकारात्मक संकेत दिए हैं। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में कुछ कठिनाइयां भी मौजूद हैं, जिनसे निपटने के लिए सभी पक्षों के सहयोग और प्रभावी नीति क्रियान्वयन की आवश्यकता है।

शी चिनफिंग ने वर्ष की दूसरी छमाही के लिए कई प्रमुख प्राथमिकताएं भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान समग्र आर्थिक नीतियों को और प्रभावी बनाने, घरेलू मांग को बढ़ाने, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार को उद्योगों से जोड़ने, व्यापक सुधारों को आगे बढ़ाने और उच्च स्तरीय खुलेपन का विस्तार करने पर रहेगा। इसके साथ ही जनजीवन में सुधार और वित्तीय व अन्य प्रमुख क्षेत्रों में संभावित जोखिमों को नियंत्रित करना भी सरकार की प्राथमिकता होगी।

बैठक में शामिल विभिन्न लोकतांत्रिक दलों और अन्य प्रतिनिधियों ने भी आर्थिक विकास, निवेश, नवाचार और औद्योगिक प्रगति से जुड़े सुझाव प्रस्तुत किए। इन सुझावों को आगामी आर्थिक नीतियों के निर्माण में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक चीन की आर्थिक दिशा तय करने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा है। वैश्विक आर्थिक सुस्ती, बदलते व्यापारिक माहौल और घरेलू चुनौतियों के बीच चीन सरकार अब घरेलू मांग, तकनीकी नवाचार और संरचनात्मक सुधारों के सहारे दीर्घकालिक एवं गुणवत्तापूर्ण आर्थिक विकास पर जोर दे रही है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

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