दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था को सख्त और पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संकेत दिए हैं कि अब ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा। नई व्यवस्था के तहत हर चालान का तय समयसीमा में निपटारा किया जाएगा, जिससे सड़क सुरक्षा और अनुशासन दोनों को मजबूत किया जा सके
नियम तोड़ने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी और हर केस तय समय में निपटाना अनिवार्य किया जाएगा
नई नीति के तहत ट्रैफिक उल्लंघन करने वाले लोगों को अब एक स्पष्ट और समयबद्ध प्रक्रिया से गुजरना होगा। सरकार का उद्देश्य है कि सड़कों पर लापरवाही पूरी तरह खत्म हो और हर उल्लंघन का हिसाब तय समय में पूरा किया जाए। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब चालान को सीधे कोर्ट में चुनौती देना आसान नहीं रहेगा, जिससे प्रक्रिया तेज और प्रभावी बनेगी।
केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में बदलाव के साथ दिल्ली में लागू होगी नई सख्त व्यवस्था
राज्य सरकार जल्द ही संशोधित Central Motor Vehicle Rules 1989 को लागू करने की तैयारी में है। इन नए नियमों के जरिए चालान प्रणाली को और ज्यादा मजबूत, डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। इससे न सिर्फ नियमों का पालन बेहतर होगा, बल्कि किसी तरह की गड़बड़ी या भ्रम की स्थिति भी खत्म होगी।
बार-बार नियम तोड़ने वालों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और कड़ी कार्रवाई संभव होगी
अगर कोई वाहन चालक एक साल के भीतर पांच या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने या अयोग्य घोषित करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। इसका मकसद लगातार नियम तोड़ने वालों पर सख्त नियंत्रण रखना है।
चालान जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और तकनीक आधारित बनाई जाएगी
नई व्यवस्था में चालान जारी करने का तरीका आधुनिक होगा। पुलिस और अधिकृत अधिकारी डिजिटल और फिजिकल दोनों माध्यम से चालान जारी कर सकेंगे। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे और ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए भी चालान अपने आप जनरेट होंगे, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
चालान की सूचना समय पर देना अनिवार्य होगा और ऑनलाइन रिकॉर्ड से पारदर्शिता बढ़ेगी
जिस व्यक्ति का चालान कटेगा, उसे तीन दिनों के भीतर ऑनलाइन माध्यम से सूचना दे दी जाएगी, जबकि 15 दिनों के भीतर फिजिकल नोटिस भी पहुंचा दिया जाएगा। इसके अलावा सभी चालानों का रिकॉर्ड एक ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा, जहां नागरिक अपनी पूरी जानकारी आसानी से देख सकेंगे। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने लाइसेंस और आरसी में मोबाइल नंबर और पता अपडेट रखें।





