दिल्ली में रोज़मर्रा की ज़िंदगी को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली दो बड़ी समस्याएं—यातायात जाम और बारिश के बाद जलभराव—अब धीरे-धीरे इतिहास बनने की ओर हैं। रेखा सरकार ने राजधानी को इन स्थायी परेशानियों से मुक्ति दिलाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। दक्षिण और पूर्वी दिल्ली में नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, वहीं पूरे शहर में ट्रैफिक जाम वाले 62 प्रमुख इलाकों की पहचान कर वहां सुधार की ठोस योजना बनाई जा रही है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ तात्कालिक समाधान नहीं, बल्कि लंबे समय तक राहत देना है।
दक्षिण दिल्ली में तीन बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी
दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में सालों से ट्रैफिक जाम और जलभराव लोगों की परेशानी बना हुआ था। अब इन समस्याओं से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने तीन अहम बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें मोदी मिल फ्लाईओवर, सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और महरौली-बदरपुर (एमबी) रोड पर स्टॉर्मवॉटर ड्रेन का निर्माण शामिल है। इन तीनों परियोजनाओं पर कुल मिलाकर 759 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किया जाएगा।
इन योजनाओं को लागू करने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंपी गई है। अधिकारियों के अनुसार, ये प्रोजेक्ट लंबे समय से योजना और प्रशासनिक मंजूरी में देरी के कारण अटके हुए थे, लेकिन अब व्यय वित्त समिति (EFC) से मंजूरी मिलने के बाद इनके रास्ते साफ हो गए हैं।
फ्लाईओवर के साथ ड्रेनेज पर भी फोकस
PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा का कहना है कि केवल फ्लाईओवर बना देने से शहरी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता। इसी वजह से ट्रैफिक सुधार और बारिश के पानी की निकासी—दोनों योजनाओं को एक साथ जोड़ा गया है।
उनके मुताबिक, नई परियोजनाओं में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सड़कों के साथ-साथ स्टॉर्मवॉटर ड्रेनेज भी मजबूत हो, ताकि बारिश के दौरान सड़कें तालाब में न बदलें। सरकार का मानना है कि अगर जलभराव की समस्या खत्म होगी, तो ट्रैफिक जाम अपने आप काफी हद तक कम हो जाएगा।
पूर्वी दिल्ली में एलिवेटेड रोड की तैयारी
दिल्ली के कई इलाकों में नालों के किनारे एलिवेटेड रोड बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। खासकर पूर्वी दिल्ली में यह मुद्दा बार-बार सामने आया है। PWD मंत्री ने बताया कि अरविंदर सिंह लवली, संजय गोयल और अनिल गोयल समेत कई जनप्रतिनिधियों ने इस परियोजना को गंभीरता से उठाया था।
बोर्ड की बैठक में एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सैद्धांतिक रूप से मंजूरी मिल चुकी है। अब इस योजना की व्यवहारिकता जांचने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद तय होगा कि सड़क का निर्माण कैसे और किस स्तर पर किया जाएगा। अगर योजना जमीन पर उतरती है, तो इससे पूर्वी दिल्ली में ट्रैफिक दबाव काफी कम हो सकता है।
पूरे दिल्ली में 62 ट्रैफिक हॉटस्पॉट पर एक्शन प्लान
राजधानी में रोज़ाना जाम से जूझने वाले लोगों के लिए एक और राहत की खबर है। दिल्ली सरकार ने पूरे शहर में 62 ऐसे इलाकों को चिन्हित किया है, जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम लगता है। इन हॉटस्पॉट्स पर सुधार के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों ने मिलकर एक्शन प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत कई जगहों पर छोटे बदलाव किए जाएंगे, अतिक्रमण हटाया जाएगा और पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, कई इलाकों में काम एक से तीन महीने के भीतर पूरा हो सकता है।
इन प्रमुख ट्रैफिक पॉइंट्स में साउथ एक्सटेंशन पार्ट-1, पंजाबी बाग राउंडअबाउट, यूसुफ सराय मार्केट, आश्रम चौक, कुतुब मीनार टी-पॉइंट, आनंद विहार, कालिंदी कुंज (मथुरा रोड), मायापुरी चौक, सराय काले खान, बवाना चौक, कश्मीरी गेट, अदचिनी गांव, नारायणा फ्लाईओवर, सरदार पटेल मार्ग, सफदरजंग अस्पताल के पास रिंग रोड और कोहाट–मधुबन चौक कॉरिडोर जैसे इलाके शामिल हैं।
राजधानी के लिए दीर्घकालिक समाधान की ओर कदम
दिल्ली सरकार का दावा है कि ये सभी योजनाएं मिलकर राजधानी की ट्रैफिक और जलभराव की तस्वीर बदल देंगी। सरकार का फोकस ऐसे समाधान तैयार करने पर है, जिससे दिल्लीवासियों को हर साल बारिश या रोज़ाना जाम की परेशानी से न जूझना पड़े। आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं के जमीन पर उतरने से दिल्ली की रफ्तार और जीवन दोनों में सुधार देखने को मिल सकता है।





