Delhi News: दिल्ली में 1 नवंबर से लागू होंगी प्रदूषण नियंत्रण की 5 बड़ी पाबंदियां, बाहर की गाड़ियों से लेकर पार्किंग फीस तक बदलेंगे नियम

दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच सरकार ने सर्दियों में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सख्ती बढ़ाने की तैयारी की है। 21 अक्टूबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 244 दर्ज किए जाने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण को लागू कर दिया है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार के विंटर एक्शन प्लान के तहत वाहनों, दफ्तरों, पार्किंग और निर्माण गतिविधियों से जुड़े कई उपाय प्रस्तावित हैं। कुछ व्यवस्थाएं 1 नवंबर से लागू होने वाली हैं, जबकि प्रदूषण नियंत्रण के कुछ नियम पहले से लागू हैं। वाहन चालकों, कार्यालयों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को तारीखों और आधिकारिक आदेशों की जानकारी रखना जरूरी होगा।

दिल्ली में बाहर से आने वाली पुरानी गाड़ियों की एंट्री पर लगेगी रोक
दिल्ली सरकार की योजना के मुताबिक, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-VI से नीचे के मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट दी गई है।

वैध PUC प्रमाणपत्र नहीं हुआ तो पेट्रोल-डीजल मिलना मुश्किल
वाहनों के प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ‘नो PUC, नो फ्यूल’ व्यवस्था के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना ईंधन नहीं देने का प्रावधान है। वाहन चालकों को सलाह है कि वे अपने PUC की वैधता पहले ही जांच लें। यह नियम केवल 1 नवंबर से शुरू होने वाला नया नियम नहीं है; इसे पहले भी लागू किया गया है।

सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने की व्यवस्था
प्रदूषण और ट्रैफिक घटाने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था घोषित की गई है। साथ ही दफ्तरों के समय में बदलाव किया जाएगा। नगर निगम के कार्यालय सुबह 8:30 से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे।

पार्किंग शुल्क दोगुना, निजी वाहन इस्तेमाल करने वालों पर बढ़ेगा खर्च
1 नवंबर से 28 फरवरी 2027 तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना करने की योजना है। दिल्ली मेट्रो के स्वामित्व और संचालन वाली पार्किंग को इस बढ़ोतरी से छूट दी गई है। सरकार का उद्देश्य निजी वाहनों की संख्या घटाकर सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है।

निर्माण और तोड़फोड़ पर पाबंदी, धूल रोकने के लिए बढ़ेगी निगरानी
1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली तोड़फोड़ और खुले में होने वाले निर्माण कार्यों पर रोक लगाने की घोषणा की गई है। इसके बाद 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की योजना है। सरकार 30 एजेंसियों के साथ प्रदूषण नियंत्रण पर काम कर रही है। निगरानी केंद्रों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 करने और 334 प्रवर्तन टीमें तैनात करने की योजना भी शामिल है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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