दिल्ली-NCR की हवा बनी जानलेवा: GRAP-3 लागू, 5वीं क्लास तक स्कूल बंद, वर्क फ्रॉम होम की सलाह
दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई इलाकों में 450 के पार दर्ज किया जा रहा है, जिससे हवा “Severe” श्रेणी में पहुंच गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने GRAP-3 (Graded Response Action Plan Stage-3) लागू कर दिया है। इसके साथ ही कई कड़े प्रतिबंधों और सावधानियों को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
GRAP-3 लागू: दिल्ली में अलर्ट मोड
दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और स्मॉग की मोटी परत पूरे NCR को घेर चुकी है। इसी को देखते हुए CAQM (Commission for Air Quality Management) की सिफारिश पर GRAP-3 लागू कर दिया गया है। GRAP-3 लागू होने पर कई तरह की गतिविधियों पर सख्त पाबंदियाँ लागू हो जाती हैं:
निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर रोक
स्टोन क्रशर और हॉट मिक्स प्लांट बंद
औद्योगिक इकाइयों पर विशेष निगरानी
डीजल वाहनों की आवाजाही पर सीमित नियंत्रण
सड़क पर धूल कम करने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग और पानी का छिड़काव। प्रदूषण नियंत्रण के लिए एजेंसियों को 24×7 मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।। 5वीं क्लास तक स्कूल ‘Hybrid Mode’ में, आदेश तत्काल लागू। बच्चों को प्रदूषण के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। AQI के Severe स्तर पर रहने और बच्चों में सांस संबंधी समस्याओं की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए। क्लास नर्सरी से 5वीं तक सभी स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई रोक दी गई है। कक्षाएं Hybrid Mode में संचालित होंगी, यानी बच्चों को स्कूल आने की बाध्यता नहीं होगी। माता-पिता चाहें तो बच्चे घर से ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। दिल्ली सरकार ने आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए हैं और यह अगले आदेश तक लागू रहेगा। दिल्ली सरकार का कहना है कि मौजूदा हालत छोटे बच्चों के लिए बेहद खतरनाक हैं, क्योंकि उनका श्वसन तंत्र अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता। इसके चलते प्रदूषण उन पर जल्दी असर डाल सकता है। दिल्ली सरकार की एडवाइजरी: प्राइवेट ऑफिस 50% स्टाफ के साथ चलें। प्रदूषण स्तर को कम करने के प्रयासों के तहत दिल्ली सरकार ने निजी दफ्तरों के लिए भी नई एडवाइजरी जारी की है।
प्राइवेट ऑफिस 50% कर्मचारियों के साथ कार्यस्थल पर काम करें। बाकी 50% कर्मचारियों को Work From Home दिया जाए। सरकार का मानना है कि इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या घटेगी और प्रदूषण में कमी आएगी। इसके साथ ही कंपनियों को सलाह दी गई है कि मीटिंग, ट्रेनिंग और इंटरनल गतिविधियों को भी ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट किया जाए।
पर्यावरण मंत्री सिरसा ने कहा: “साफ हवा और पब्लिक हेल्थ प्राथमिकता”
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि GRAP-3 लागू होते ही सरकार एक्शन मोड में है। उन्होंने बताया कि “यह कदम एहतियात के तौर पर लिया गया है, ताकि प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।” “सरकार साफ हवा, पब्लिक हेल्थ और रियल टाइम मॉनिटरिंग पर फोकस कर रही है।” “दिल्ली में प्रदूषण से सबसे ज़्यादा प्रभावित बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील समूहों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभाग मिलकर हालात पर लगातार नजर रख रहे हैं और जरूरत पड़ने पर और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
क्यों बढ़ा प्रदूषण? AQI ‘Severe’ कैसे पहुंचा?
दिल्ली-NCR में कई कारणों से हवा अचानक बेहद खराब हो गई। पंजाब-हरियाणा के कुछ क्षेत्रों में पराली जलने में वृद्धि। ठंडी हवाओं और कम हवा की गति से प्रदूषक जमीन के पास जमा होना। वाहनों की बढ़ती संख्या और सड़क की धूल। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले उत्सर्जन। सुबह-शाम घना स्मॉग, जिससे हवा में घुलनशील कण कई गुना बढ़ जाते हैं। IMD का कहना है कि अगले 2–3 दिनों तक हवा की गति कम रहेगी, जिससे स्थिति में सुधार की संभावना कम है।
बच्चों की सेहत पर सबसे बड़ा खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि AQI 450 से ऊपर रहने पर बच्चों में खांसी और गले में जलन।
सांस लेने में कठिनाई। आंखों में जलन। दमा (Asthma) और एलर्जी वाले बच्चों की हालत बिगड़ सकती है। इसलिए स्कूलों को हाइब्रिड मोड में शिफ्ट करना बच्चों की सुरक्षा के मद्देनज़र अहम कदम है।
लोगों से अपील: आवश्यक हो तभी बाहर निकलें। सरकार ने नागरिकों से भी अपील की है कि सुबह-शाम ज्यादा देर बाहर न निकलें। मास्क और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। वाहन साझा करने की आदत बढ़ाएं। खुले में जलने वाली चीजों पर रोक रखें। दिल्ली में प्रदूषण का बढ़ता स्तर स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर रहा है और GRAP-3 लागू होने के साथ ही प्रशासन पूर्ण रूप से अलर्ट हो गया है।