दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण के लिए बनाया ये कानून

Delhi government private schools

दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण के लिए बनाया ये कानून

नई दिल्ली। दिल्ली की रेखा सरकार ने दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण में पारदर्शिता और विनियमन) अधिनियम, 2025 को अधिसूचित कर दिया है। इस कानून का उद्देश्य राजधानी के निजी स्कूलों द्वारा मनमानी और अत्यधिक फीस वृद्धि पर रोक लगाना है।
उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना द्वारा राजपत्र अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही दिल्ली के 1,500 से अधिक निजी स्कूल अब इस नए नियामक ढांचे के अंतर्गत आ गए हैं।

दिल्ली की रेखा सरकार के अनुसार, यह विधेयक 8 अगस्त को दिल्ली विधानसभा में लंबी चर्चा के बाद पारित हुआ था। नया कानून पहले के 1973 के अधिनियम की तुलना में कहीं व्यापक है, जो राजधानी के केवल लगभग 300 निजी स्कूलों पर ही लागू होता था। नए कानून के तहत तीन स्तरीय समिति संरचना बनाई गई है। स्कूल-स्तरीय फीस विनियमन समिति, जिला फीस अपील समिति और पुनरीक्षण समिति के साथ ही, अब शिकायतों का निपटारा जिला-स्तरीय समिति के माध्यम से भी किया जा सकेगा, जो इसे अधिक सुलभ बनाता है।

यह अधिनियम एक कड़े नियामक ढांचे की स्थापना करता है, जिसके तहत निजी अनुदानरहित स्कूलों को अपनी फीस संरचना सार्वजनिक करनी होगी, फीस बढ़ोतरी का उचित आधार प्रस्तुत करना होगा और किसी भी वृद्धि को लागू करने से पहले संबंधित समितियों से मंजूरी लेनी होगी।
अधिसूचना के लागू होने से अभिभावकों को अचानक और मनमानी फीस बढ़ोतरी से राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि निजी स्कूलों की फीस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

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