दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पर ‘थप्पड़ वार’…! जानें जन सुनवाई के दौरान इस शख्स ने क्यों मारा थप्पड़…!

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पर ‘थप्पड़ वार’…! जानें जन सुनवाई के दौरान इस शख्स ने क्यों मारा थप्पड़…!

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले का मामला सामने आया है। सीएम हाउस के अधिकारियों की माने तो जिस वक्त सीएम रेखा गुप्ता जन सुनवाई कर रही थीं, ठीक उसी वक्त एक शख्स अपनी शिकायत लेकर वहां पहुंचा था। जिसने मुख्यमंत्री को थप्पड़ जड़ दिया। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस शख्स को हिरासत में ले लिया है। साथ ही उससे पूछताछ की जा रही है…

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जन सुनवाई के दौरान हमला, आरोपी हिरासत में…राजधानी दिल्ली की राजनीति बुधवार को उस समय हिल गई, जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर उनके आधिकारिक आवास पर आयोजित साप्ताहिक जन सुनवाई के दौरान एक युवक ने हमला कर दिया। घटना से पूरे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारे में सनसनी फैल गई। मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारने वाले आरोपी को मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत काबू कर लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

घटना कैसे हुई?

मुख्यमंत्री आवास के अधिकारियों के मुताबिक, हर बुधवार की तरह रेखा गुप्ता जनता की शिकायतें सुन रही थीं। इस दौरान लगभग सैकड़ों लोग मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे। इन्हीं में से एक शख्स, जिसकी उम्र लगभग 35 साल बताई जा रही है, अपनी शिकायत लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचा। शुरू में उसने कागज दिखाते हुए अपनी समस्या बताने की कोशिश की, लेकिन अचानक वह चिल्लाने लगा और मुख्यमंत्री को थप्पड़ जड़ दिया। घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। मुख्यमंत्री के निजी सुरक्षा अधिकारी और पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद उसे मौके से हटाकर सिविल लाइंस थाने ले जाया गया।

आरोपी कौन है?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की उम्र लगभग 35 साल है और वह दिल्ली का ही रहने वाला बताया जा रहा है। हालांकि उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस ने बताया कि उससे पूछताछ जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो हमलावर अपना नाम राजेश खिमजी सकारिया बता रहा है। वहीं पुलिस लाइन्स थाने में ले जाकर उससे पूछताछ की जा रही है। इस भी बताया जा रहा है कि इस हमले के दौरान सीएम रेखा गुप्ता को मामूली चोट भी लगी है। दरअसल उनका सिर किसी ठोस वस्तु से टकरा गया था। वहीं दिल्ली पुलिस के अधिकारी सीएम आवास पर जांच कर रहे हैं।

बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया

दिल्ली बीजेपी ने घटना की कड़ी निंदा की है। पार्टी प्रवक्ता प्रवीण शंकर ने मीडिया को बताया, “जन सुनवाई के बहाने आरोपी मुख्यमंत्री तक पहुंचा। उसने पहले सीएम को कुछ कागज दिए, फिर अचानक चिल्लाने लगा और थप्पड़ मार दिया। यह घटना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।” बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पर हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं पर हमला है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि रेखा गुप्ता पर हमले की यह कोशिश जन सुनवाई की प्रक्रिया को बाधित करने और आम जनता के बीच अविश्वास पैदा करने की मंशा से की गई है। सरकार इस तरह की घटनाओं से डरने वाली नहीं है।”

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

मुख्यमंत्री आवास जैसे वीवीआईपी क्षेत्र में इस तरह की घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मुख्यमंत्री आवास पर हर बुधवार को होने वाली जन सुनवाई में बड़ी संख्या में लोग आते हैं, लेकिन यहां सुरक्षा जांच की प्रक्रिया बेहद सख्त मानी जाती है। इसके बावजूद आरोपी मुख्यमंत्री तक पहुंच गया और हमला करने में सफल रहा।
राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो यह घटना सुरक्षा एजेंसियों की भी एक बड़ी चूक मनी जा रही है। इसकी गंभीरता से जांच होना जरूरी है। किसी राज्य के मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक और महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति तक इस तरह हमलावर का पहुंचना और उन पर हमला करना आने वाले दिनों में गंभीर खतरा पैदा करता है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

हालांकि घटना के तुरंत बाद विपक्षी दलों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आईं। कई नेताओं ने हमले की निंदा तो की, लेकिन साथ ही सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी उठाए। विपक्ष ने कहा कि आम जनता की शिकायतों को ठीक तरीके से न सुनने की वजह से इस तरह की निराशा और गुस्सा पनपता है। हालांकि, विपक्ष ने साफ किया कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

पूर्व सीएम आतिशी ने की थप्पड़ कांड की निंदा

वहीं दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष AAP नेता और पूर्व सीएम आतिशी ने इस पूरे मामले की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है कि दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पर इस तरह हुआ हमला बेहद निंदनीय है। उन्होंने लिखा है कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध की अपनी जगह और शैली होती है, लेकिन हिंसा के लिए राजनीति में कोई स्थान नहीं है। आतिशी ने कहा उन्हें उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा उम्मीद है कि सीएम रेखा गुप्ता पूरी तरह सुरक्षित हैं। थप्पड़ कांड के बाद कुछ देर के लिए जन सुनवाई को रोक दिया गया था। हालांकि इसके बाद में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने अधिकारियों को यह निर्देश दिये हैं कि जनता की सभी शिकायतों पर गंभीरता निराकरण किया जाए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतंत्र में किसी भी प्रकार की हिंसा का कोई स्थान नहीं है। जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

पुलिस की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी व्यक्तिगत कारणों और गुस्से में यह कदम उठा बैठा। पुलिस अब उसके बैकग्राउंड और संभावित राजनीतिक कनेक्शन की भी जांच कर रही है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेले आया था या किसी संगठन से जुड़ा हुआ है।

राजनीतिक और सामाजिक असर

यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करती है, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद की सीमाओं पर भी सवाल उठाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जन सुनवाई जैसे मंच का उद्देश्य जनता और सरकार के बीच संवाद को बढ़ावा देना है। लेकिन अगर इस मंच का इस्तेमाल हिंसक तरीके से किया जाने लगे, तो यह लोकतंत्र की आत्मा पर चोट होगी। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए इस हमले का असर आने वाले दिनों में दिल्ली की राजनीति पर गहरा होगा। एक ओर जहां बीजेपी इसे अपने खिलाफ साजिश बता सकती है, वहीं विपक्ष इसे सरकार की नाकामी के तौर पर पेश कर सकता है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जन सुनवाई के दौरान हुआ हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। एक ओर यह सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है, वहीं दूसरी ओर यह भी दर्शाता है कि जनता के असंतोष को किस तरह हिंसक रूप मिल सकता है। प्रकाश कुमार पांडेय

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