Delhi News: दिल्ली में 10 अक्टूबर को CJP के प्रदर्शन से पहले 7,000 CRPF जवान तैनात, कई ट्रेनों पर भी रद्दीकरण का असर

दिल्ली में 10 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा और यातायात को लेकर बड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर होने वाले इस प्रदर्शन के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की है। रिपोर्टों के अनुसार, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के करीब 7,000 जवानों को दिल्ली बुलाया जा रहा है। वहीं, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों के आसपास संभावित भारी ट्रैफिक जाम को देखते हुए रेलवे ने कुछ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन पर भी रोक लगाने का फैसला किया है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और यात्रियों को संभावित परेशानी से निपटने के लिए पहले से सतर्क करना बताया गया है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी, गृह मंत्रालय ने दिए जरूरी निर्देश
CJP के प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जानी है। इसी को ध्यान में रखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की तैयारी की गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल से CRPF की कम से कम 70 कंपनियां दिल्ली भेजी जा रही हैं, जिनमें करीब 7,000 जवान शामिल हैं। जवानों को दंगा नियंत्रण से जुड़े आधुनिक उपकरणों और जरूरी सुरक्षा संसाधनों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्रालय के निर्देशों में इस तैनाती को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

CRPF जवानों को दंगा नियंत्रण के उपकरणों के साथ तैनात करने की तैयारी, अमित शाह भी दिल्ली में रहेंगे
रिपोर्टों में बताया गया है कि सुरक्षा बलों को जरूरी हथियार, दंगा-रोधी उपकरण और निर्धारित मात्रा में गोला-बारूद साथ रखने को कहा गया है। गृह मंत्री अमित शाह के भी दिल्ली में रहकर स्थिति पर नजर रखने की बात सामने आई है। इन तैयारियों का उद्देश्य संभावित भीड़ को नियंत्रित करना और किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को तैयार रखना है। हालांकि, तैनाती और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं के बीच यह ध्यान रखना जरूरी है कि प्रदर्शन को लेकर लगाए गए आरोपों और प्रशासन की आशंकाओं को अलग-अलग समझा जाए।

ट्रैफिक जाम की आशंका के चलते 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और निजामुद्दीन पहुंचने वाली ट्रेनें रद्द
रेलवे ने 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पहुंचने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का आदेश जारी किया है। रेलवे के अनुसार, 9 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशन से रवाना होकर अगले दिन तय समय के बीच इन दोनों स्टेशनों पर पहुंचने वाली संबंधित ट्रेनें अपने शुरुआती स्टेशन से ही रद्द रहेंगी। यह फैसला दोनों स्टेशनों के आसपास सड़क पर भारी जाम की आशंका के कारण लिया गया है। रेलवे अधिकारियों ने इसे प्रदर्शन से सीधे जोड़कर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है। यात्रियों को स्टेशन के लिए निकलने से पहले NTES ऐप या रेलवे हेल्पलाइन 139 से अपनी ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।

प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में कई स्तरों पर इंतजाम, यात्रियों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह
10 अक्टूबर के कार्यक्रम को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जंतर-मंतर के आसपास निगरानी बढ़ाने के साथ पुलिस लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील कर रही है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए पुलिस की अनुमति नहीं दी गई है और लागू प्रतिबंधों के उल्लंघन पर कार्रवाई हो सकती है।

ऐसे में दिल्ली आने वाले यात्रियों को ट्रेन की स्थिति, सड़क मार्ग और स्थानीय प्रशासन की ताजा सलाह की जानकारी लेकर ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए। प्रदर्शन के कारण संभावित असुविधा से बचने के लिए समय से पहले वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था पर विचार करना भी उपयोगी रहेगा।

 

 

 

 

 

 

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