दिल्ली धमाके की साजिश में कथित संलिप्तता के आरोपों ने देशभर की मेडिकल संस्थाओं को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। पहले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने डॉक्टर शाहीन की सदस्यता को समाप्त किया था और अब उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल काउंसिल ने भी उन पर बड़ी कार्रवाई की है। काउंसिल ने डॉक्टर शाहीन का मेडिकल पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। उनके खिलाफ इंडियन मेडिकल काउंसिल (प्रोफेशनल कंडक्ट, एटीकेट और एथिक्स) रेगुलेशन–2002 के उल्लंघन का हवाला देते हुए यह कठोर फैसला लिया गया है।
डॉक्टर शाहीन लंबे समय तक कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़ी रही हैं और उनके खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई तेज हो गई है। अब यह भी संभावना जताई जा रही है कि डॉक्टर आरिफ मीर पर भी इसी तरह की कार्यवाही हो सकती है। यह घटनाक्रम मेडिकल जगत में बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है, खासकर तब जब किसी चिकित्सक पर गंभीर आपराधिक आरोप लगते हैं।
IMA की कार्रवाई के बाद एक और बड़ा झटका
IMA ने डॉक्टर शाहीन पर लगे गंभीर आरोपों को ध्यान में रखते हुए उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी।
IMA कानपुर चैप्टर ने इस मुद्दे को दिल्ली हेडक्वार्टर तक पहुंचाया
मुख्यालय ने जांच रिपोर्ट पर विचार करने के बाद सदस्यता को समाप्त करने का निर्णय लिया
यह कदम मेडिकल समुदाय में शून्य-सहिष्णुता नीति के अनुरूप बताया जा रहा है
IMA की कार्रवाई के बाद यह लगभग तय माना जा रहा था कि राज्य मेडिकल काउंसिल भी बड़ा फैसला लेगी, और अब वही हुआ है।
UP मेडिकल काउंसिल ने रजिस्ट्रेशन क्यों रद्द किया?
उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल काउंसिल की वेबसाइट पर नोटिस जारी कर कहा गया कि डॉक्टर शाहीन ने प्रोफेशनल एथिक्स और मेडिकल आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
उनके खिलाफ दिल्ली धमाके की साजिश में शामिल होने के गंभीर आरोप
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए “तत्काल प्रभाव” से रजिस्ट्रेशन समाप्त
रेगुलेशन–2002 की धारा के अनुसार किसी भी डॉक्टर पर ऐसे आरोप साबित होने पर लाइसेंस रद्द किया जा सकता है
काउंसिल का कहना है कि इस तरह के मामलों में प्रोफेशनल जिम्मेदारी सर्वोच्च होती है और कोई भी चिकित्सक कानून से ऊपर नहीं है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से रहा लंबा कार्यकाल
डॉक्टर शाहीन का करियर एक समय काफी सुचारू माना जाता था।
2006 से 2013 तक उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर में करीब 8 साल लेक्चरर के रूप में सेवाएं दीं
इसके बाद करीब 15 महीने विभागाध्यक्ष (HOD) की कमान संभाली
फार्माकोलॉजी विभाग में उनका अनुभव काफी लंबा रहा
लेकिन धमाके से जुड़े आरोप सामने आने के बाद हालात पूरी तरह बदल गए और उनके खिलाफ संस्थागत कार्रवाई लगातार बढ़ती गई।
डॉक्टर आरिफ मीर पर भी लटक रही तलवार
सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर शाहीन के साथ जुड़े एक और नाम—डॉ. आरिफ मीर—का मेडिकल रजिस्ट्रेशन भी जल्द रद्द किया जा सकता है।
काउंसिल ने उनके मामले को भी उच्च प्राथमिकता पर लिया है
आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच लगभग पूरी
जल्द ही आधिकारिक निर्णय आने की संभावना
मेडिकल जगत में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है क्योंकि यह पहली बार है जब किसी ब्लास्ट केस में सीधे डॉक्टरों पर बड़ी कार्रवाई हो रही है।





