दिल्ली में घुटने लगा अब दम…AQI अत्यधिक खराब, 400 से अधिक कई इलाकों में स्थिति गंभीर; हवाई अड्डे ने उड़ानों के लिए जारी की ये एडवाइजरी
नई दिल्ली: शनिवार को दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में घना धुंआ और स्मॉग फैल गया, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर स्तर तक पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का समग्र AQI 390 था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इसके अलावा, राजधानी के कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्थिति में पहुंच गया है, जिससे न केवल प्रदूषण के स्तर में वृद्धि हुई है, बल्कि लोगों की सेहत पर भी इसका असर पड़ा है।
दिल्ली के कई इलाकों में गंभीर वायु प्रदूषण
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में AQI के स्तर ने चिंता का कारण बना दिया है, और कई इलाके गंभीर श्रेणी में शामिल हो गए हैं। प्रमुख इलाकों में AQI निम्नलिखित स्तर पर पहुंचा है:
आशोक विहार: 435
बावाना: 428
बुराड़ी क्रॉसिंग: 415
चांदनी चौक: 419
DTU (दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी): 426
डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज: 403
ITO (इंटरसिटी ट्रांसपोर्ट ऑफिस): 425
जहांगीरपुरी: 442
मुंडका: 426
नरेला: 431
नेहरू नगर: 427
आर के पुरम: 404
पतपर्गंज: 426
पंजाबी बाग: 421
विवेक विहार: 442
वजीरपुर: 445
इसके अलावा, कुछ अन्य इलाकों में भी AQI का स्तर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पाया गया:
आलीपुर: 393
आया नगर: 326
द्वारका सेक्टर 8: 394
दिलशाद गार्डन: 319
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक को छह श्रेणियों में बांटा गया है:
0-50 (अच्छा): इसमें स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं होता।
51-100 (संतोषजनक): यह स्तर सामान्य माना जाता है, लेकिन संवेदनशील लोग जैसे बच्चे, वृद्ध और श्वसन समस्याओं वाले लोग थोड़ी असुविधा महसूस कर सकते हैं।
101-200 (मध्यम): प्रदूषण के स्तर में वृद्धि हो रही है, और यह अस्थमा, फेफड़े या हृदय रोगों से प्रभावित व्यक्तियों के लिए समस्याएं पैदा कर सकता है।
201-300 (खराब): यह स्थिति ऐसी है जिसमें स्वस्थ लोग भी असुविधा महसूस कर सकते हैं, खासकर श्वसन संबंधी परेशानियों के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह दिल्ली के कई इलाकों में सर्दी के मौसम में सामान्य हो गया है। 301-400 (बहुत खराब): इस स्तर पर हवा का गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि इससे स्वस्थ लोग भी श्वसन संबंधित समस्याओं का शिकार हो सकते हैं।
401-500 (गंभीर): यह सबसे खतरनाक स्थिति होती है। इस स्तर पर हवा इतनी प्रदूषित होती है कि सभी के लिए यह खतरनाक हो सकती है, और लंबी अवधि तक संपर्क से श्वसन रोग जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट ने उड़ानों के लिए जारी की एडवाइजरी
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने भी खराब वायु गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए एक उड़ान सलाह जारी की है। एयरपोर्ट ने सभी यात्रियों से कहा कि वे अपनी उड़ान से संबंधित जानकारी के लिए अपनी संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें।
एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा कि दिल्ली हवाई अड्डे पर कम दृश्यता के कारण ‘लो विजिबिलिटी प्रोसीजर्स’ (LVP) लागू किए गए हैं। हालांकि, एयरपोर्ट ने यह भी कहा कि सभी उड़ान संचालन सामान्य रूप से चल रहे हैं, लेकिन खराब दृश्यता के कारण यात्रियों को संभावित देरी की जानकारी पहले से प्राप्त होनी चाहिए।
प्रदूषण के स्वास्थ्य पर प्रभाव
दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणियों में प्रवेश करने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के प्रदूषण से श्वसन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है, और विशेषकर उन लोगों को अधिक परेशानी हो सकती है जिनके पहले से ही श्वसन संबंधी रोग हैं।
बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा या फेफड़ों की समस्याओं से पीड़ित लोग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इस प्रकार के प्रदूषण से दिल और फेफड़ों की समस्याएं बढ़ सकती हैं, और यह लंबे समय तक संपर्क में रहने पर जीवनशैली की बीमारियों को जन्म दे सकता है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग घर के अंदर रहें और बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें।
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के उपाय
दिल्ली सरकार और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से सर्दी के मौसम में वाहनों के प्रदूषण को कम करने के लिए ‘ऑड-ईवन’ योजना, निर्माण गतिविधियों पर रोक, और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की निगरानी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सर्दी में कृषि अवशेषों को जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। हालांकि, इस प्रदूषण को पूरी तरह से कम करना एक लंबी प्रक्रिया है और इसके लिए सभी नागरिकों को साथ मिलकर प्रयास करना होगा।
दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक है और शहर के विभिन्न इलाकों में वायु गुणवत्ता का स्तर गंभीर रूप से बढ़ चुका है। इस स्थिति में सभी नागरिकों को अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए और प्रदूषण से बचने के उपायों को अपनाना चाहिए। हवाई अड्डे और अन्य स्थानों पर भी यात्रियों को एडवाइजरी जारी की गई है, जिससे वे अपने सफर की योजना पहले से तैयार कर सकें। वायु प्रदूषण के प्रभाव से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपायों की आवश्यकता है, और सभी को इस मुद्दे पर जागरूकता बढ़ानी होगी।