दिल्ली में तेज़ हवाओं से मिली थोड़ी राहत… फिर भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में AQI..कोहरा भी बरकरार
दिल्ली में बुधवार सुबह चली तेज़ सतही हवाओं के कारण वायु प्रदूषण से कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली, लेकिन हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। हवा की गति बढ़ने से प्रदूषक कणों के फैलाव में थोड़ी मदद मिली, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में मामूली सुधार दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 8 बजे दिल्ली का AQI 342 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
हालांकि यह सुधार अस्थायी माना जा रहा है। इससे एक दिन पहले, मंगलवार शाम को 24 घंटे का औसत AQI 412 दर्ज किया गया था, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इसके साथ ही दिल्ली ने इस महीने का चौथा ‘गंभीर वायु प्रदूषण दिवस’ देखा, जब हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई थी। लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण बच्चों, बुज़ुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए स्थिति और भी मुश्किल बनी हुई है।
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली (Air Quality Early Warning System – AQEWS) के पूर्वानुमान भी किसी बड़े सुधार की उम्मीद नहीं जता रहे हैं। AQEWS के अनुसार, बुधवार से शुक्रवार तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही बने रहने की संभावना है। इसके अलावा, आने वाले छह दिनों के लिए भी यही संकेत दिए गए हैं कि प्रदूषण का स्तर ऊँचा ही रहेगा। AQEWS के बुलेटिन में कहा गया है कि मौसम की परिस्थितियाँ फिलहाल प्रदूषण को पूरी तरह से साफ करने के लिए अनुकूल नहीं हैं।
वायु प्रदूषण के साथ-साथ कोहरे ने भी राजधानीवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार तड़के शहर के कई इलाकों में हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहा। पालम क्षेत्र में रात 2:30 बजे दृश्यता घटकर मात्र 100 मीटर रह गई थी, जिससे सड़क और हवाई यातायात पर असर पड़ा। हालांकि सुबह 6:30 बजे तक दृश्यता में कुछ सुधार हुआ और यह बढ़कर 250 मीटर तक पहुंच गई।
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अब तक उड़ानों के रद्द होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन उड़ानों में देरी जरूर देखने को मिली। फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 8 बजे तक 150 से अधिक उड़ानों में देरी दर्ज की गई थी। कोहरे के कारण विमान परिचालन प्रभावित होना आम बात है, खासकर सर्दियों के मौसम में, जब दृश्यता अचानक कम हो जाती है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कोहरे को दृश्यता के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया है। IMD के अनुसार, जब दृश्यता 500 मीटर से 1,000 मीटर के बीच होती है तो उसे ‘उथला कोहरा’ (Shallow Fog) कहा जाता है। 200 मीटर से 500 मीटर के बीच दृश्यता होने पर ‘मध्यम कोहरा’ (Moderate Fog), 50 मीटर से 200 मीटर के बीच होने पर ‘घना कोहरा’ (Dense Fog), और 50 मीटर से कम दृश्यता होने पर ‘अत्यंत घना कोहरा’ (Very Dense Fog) माना जाता है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी इसी तरह के मौसमीय हालात बने रहेंगे। IMD के एक अधिकारी के अनुसार, बुधवार को 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ सतही हवाएँ चलेंगी, जिसका कुछ असर प्रदूषण के स्तर पर पड़ सकता है। इसके बावजूद, गुरुवार को भी उथले से मध्यम कोहरे के बने रहने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त, IMD ने शुक्रवार के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इस दिन सुबह के समय मध्यम से घने कोहरे की आशंका जताई गई है। येलो अलर्ट का अर्थ है कि मौसम सामान्य से थोड़ा अधिक प्रभावित कर सकता है और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। खासतौर पर वाहन चालकों और हवाई यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, दिल्ली में तेज़ हवाओं ने भले ही प्रदूषण से थोड़ी राहत दी हो, लेकिन AQI अब भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना हुआ है। साथ ही, कोहरा और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियाँ आने वाले दिनों में भी जनजीवन को प्रभावित करती रहेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मौसम में बड़े बदलाव नहीं आते या प्रदूषण के स्रोतों पर सख्ती से नियंत्रण नहीं किया जाता, तब तक वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार की उम्मीद कम ही है।





