भरोसे के सम्मेलन से प्रियंका गांधी ने किया चुनावी आगाज, क्या जनता का भरोसा जीतेगी कांग्रेस

भरोसे के सम्मेलन से प्रियंका गांधी ने किया चुनावी आगाज, क्या जनता का भरोसा जीतेगी कांग्रेस

छत्तीसगढ़ में मौसम के साथ विधानसभा चुनाव की गर्माहट भी महसूस की जाने लगी है।
बीजेपी में जहां केन्द्रीय स्तर पर चुनावी रणनीति को लेकर मंथन किया जा रहा है। वहीं कांग्रेस में सीएम भूपेश बघेल के नेतृत्व में पार्टी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर काम कर रही है। इस बीच राजनीतिक दल के नेताओं के दौरे शुरू हो गए हैं। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर दोनों ही पार्टियों के बड़े नेताओं के छत्तीसगढ़ पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है। पिछले दिनों आम आदमी पार्टी समन्वयक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने रायपुर में बड़ी सभा की थी। अब प्रियंका गांधी बस्तर पहुंचीं। जहां भरोसे का सम्मेलन में शामिल होकर चुनावी शंखनाद किया।

प्रियंका गांधी ने की मां दंतेश्वरी के मंदिर में पूजा
लालाबाग मैदान में भरोसे के सम्मेलन
सम्मेलन में शामिल हुईं प्रिंयका गांधी
बस्तरिया नाचा संस्कृति से किया प्रियंका का स्वागत
गांडी बोली में किया प्रियंका ने अभिवादन

बता दें कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी दिल्ली से सीएम भूपेश बघेल के साथ जगदलपुर पहुंचीं। यहां उन्होंने सबसे पहले मां दंतेश्वरी के मंदिर में पूजा अर्चना की। फिर लालबाग मैदान पहुंची। जहां ‘भरोसे के सम्मेलन’ में बस्तरिया संस्कृति नाचा के साथ उनका स्वागत किया। वहीं प्रियंका गांधी ने गोंडी बोली में अभिवादन के साथ मंच से अपनी बात की शुरुआत की। उन्होंने कहा उनके परिवार का बस्तर से विशेष लगाव रहा है। वह यहां पर पहली बार आई हैं। हालांकि बचपन से ही बस्तर के बारे में यहां के लोगों के संघर्ष के बारे में वे सुनती आई हैं।

26 फरवरी को भी रायपुर में की थी जनसभा
इससे पहले 26 फरवरी को भी प्रियंका गांधी ने रायपुर में जनसभा की थी। एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बुलावे पर प्रियंका गांधी छत्तीसगढ़ पहुंचीं। प्रियंका ने भरोसे के सम्मेलन में शामिल होकर संभाग के सात जिलों से पहुंचीं महिलाओं का मनोबल बढ़ाया।वहीं सम्मेलन में आदिवासियों के तीज त्योहारों की संस्कृति और परंपरा को संरक्षित करने से संबंधित ‘मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना‘ का भी शुभारंभ किया गया।बता दें इस साल विधानसभा चुनाव होना है। बीते चार साल में यह अब तक का बस्तर में सबसे बड़ा सम्मेलन है। इसे कांग्रेस के चुनावी अभियान का शुभारंभ माना जा रहा है।

फोटो प्रदर्शनी ने की याद ताजा
सम्मेलन में नेहरू-गांधी परिवार के बस्तर से जुड़े संस्मरणों की फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी लगाने का उद्देश्य आदिवासियों और बस्तर से नेहरू गांधी परिवार के संबंधों के बारे में युवा पीढ़ी को जानकारी देना था। प्रदर्शनी के लिए पुरानी तस्वीरों का संग्रह किया गया। लालबाग मैदान जहां पंडित जवाहर लाल नेहरू ने सम्मेलन को संबोधित किया था। उसी स्थल के समीप प्रियंका गांधी के लिए मंच तैयार किया गया था। बता दें 13 मार्च 1955 को पंडित जवाहर लाल नेहरू ने प्रधानमंत्री के तौर पर बस्तर का दौरा किया था। तब यहां तृतीय राष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन का आयोजन किया गया था। जिसे संबोधित करने पं.नेहरु जगदलपुर आए थे। इसके बाद इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, संजय गांधी, मेनका गांधी के साथ सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी बस्तर आ चुके हैं। प्रदर्शनी में गांधी परिवार के सदस्यों के प्रवास से जुड़ी तस्वीरों ने पुरानी याद ताजा कर दी।

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