De De Pyaar De 2 Review: आखिरी ट्विस्ट ने बदल दी पूरी कहानी, तीसरे पार्ट के लिए तैयार है ‘दे दे प्यार 2’
“दे दे प्यार दे 2” एक पूरी तरह से हल्की-फुल्की, रोमांटिक कॉमेडी है, जो पारिवारिक रिश्तों, प्यार और उम्र के अंतर को बड़े मज़ेदार अंदाज में पेश करती है। कहानी की शुरुआत होती है वहीं से जहां पहली फिल्म खत्म हुई थी। अशीष मेहरा (अजय देवगन) और आयशा (रकुल प्रीत सिंह) अब एक रिश्ते में हैं, लेकिन उनके सामने नई चुनौतियाँ आती हैं। असली झंझट तब शुरू होता है जब अशीष को आयशा के परिवार की मंजूरी लेनी पड़ती है, खासकर उनके पिता आर. माधवन और मां गौतमी कपूर से। वैसे बता दें कि फिल्म के क्लाईमैक्स को ऐसा छोड़ गया है कि आप बात करें।
फिल्म: दे दे प्यार दे 2
निर्देशक: अंशुल शर्मा
स्टारकास्ट: अजय देवगन, आर.माधवन, रकुल प्रीत सिंह, मीज़ान जाफ़री, जावेद जाफ़री और गौतमी कपूर
समय अवधि: 2 घंटे 27 मिनट
कहां देखें: सिनेमाघर
रेटिंग: 4 सितारे
फिल्म का असली मज़ा तब आता है जब अशीष और माधवन आमने-सामने आते हैं। उम्र, सोच और पर्सनैलिटी की टक्कर में कई कॉमिक सीन बनते हैं। माधवन को अपनी बेटी की पसंद समझाने में परेशानी होती है और इसी बीच मीज़ान जाफ़री की एंट्री कहानी में नया ट्विस्ट लेकर आती हैं। मीज़ान का किरदार हल्का-फुल्का रोमांस और ड्रामा दोनों जोड़ देता है। इसके बाद ट्विस्ट्स की झड़ी लगी रहती है, जिससे दर्शक लगातार स्क्रीन से जुड़े रहते हैं।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है इसके डायलॉग्स और राइटिंग। कई डायलॉग्स हँसी रोकना मुश्किल कर देते हैं। रियल-लाइफ टच, छोटे मजेदार इशारे और शाहरुख-काजोल का जिक्र फिल्म को और मनोरंजक बनाते हैं। स्क्रीनप्ले फास्ट-पेस्ड और engaging है, हालांकि बैकग्राउंड म्यूज़िक और एडिटिंग में थोड़ी मजबूती आ सकती थी।
अभिनय की बात करें तो अजय देवगन पूरी तरह फिट हैं। उनकी संजीदगी और कॉमिक टाइमिंग दोनों शानदार हैं। आर.माधवन एक आधुनिक पिता के रूप में दमदार हैं, और गौतमी कपूर भी बहुत अच्छा निभाती हैं। रकुल प्रीत सिंह फ्रेश और चार्मिंग दिख रहीं हैं। मीज़ान जाफ़री, जावेद जाफरी और इशिता दत्ता भी अपने रोल में न्याय करते हैं।
कुल मिलाकर, “दे दे प्यार दे 2” एक ऐसी फिल्म है जो हँसी, रोमांस और परिवारिक संदेश का मजेदार मिश्रण देती है। अगर आप हल्की-फुल्की रोमांटिक कॉमेडी का मज़ा लेना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए परफेक्ट है।