जानें आखिर चार फीट हरे पानी में क्यों उतरे इस जिले के कलेक्टर…
दमोह में आसमान ने अचानक अपना मिज़ाज बदला विगत दो-तीन घंटे से हुई तेज़ बारिश ने शहर से लगी सुभाष कॉलोनी को पानी के सैलाब में बदल दिया हालात इतने गंभीर हो गए कि गलियों और सड़कों पर नावें चलने लगीं।बरसात का पानी घरों में घुस गया लोगों के सामान भीगने लगे बिजली आपूर्ति ठप रोजमर्रा का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी चिंता और बेचैनी में डूबे हुए।
दमोह में सुभाष कॉलोनी पानी पानी…फिर चली नाव
कलेक्टर स्वयं 15 से 20 महिलाओं को किया बारिश के बीच रेस्क्यू
सूचना मिलते ही दमोह कलेक्टर प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर स्वयं 3 फीट पानी में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्य प्रारंभ किया गया तेज़ धारा और गहरे पानी के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। इस दौरान करीब पंद्रह से बीस महिलाओं को वहां से सुरक्षित निकालकर सामुदायिक भवन तक पहुंचाया गया। जहां महिलाओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्था कराई गई। लेकिन यह राहत केवल कुछ घरों तक ही सीमित थी। कुछ इलाकों अब भी बारिश के पानी से घिरे हैं। बचाव कार्य लगातार जारी है।
स्थानीय लोग बताते हैं यह मंजर कोई नया नहीं है। पिछले दो-तीन साल से बरसात का मौसम आते ही यही हालात बन जाते हैं।किसी भी तरह का स्थायी सुधारीकरण नहीं हो पाया,और हर बार बारिश के साथ डर और परेशानी की नई लहर आती है।आज भी आसमान में बादल मंडरा रहे हैं।अगर आने वाले कुछ घंटे और बारिश हुई,तो हाल बेहाल हो जाएंगे।
घरों में और पानी घुस जाएगा,और जनजीवन पूरी तरह थम जाएगा।ये पानी सिर्फ सड़कों और घरों को नहीं बल्कि लोगों की उम्मीदों को भी डुबो देता है।हर साल की तरह इस साल भी सवाल वही हैकब तक बाढ़ जैसे हालात का सामना करते रहेंगे यहां के लोग और कब आएगा वह दिन जब बरसात डर नहीं, राहत लेकर आएगी।





