भारत का ‘D4 एंटी-ड्रोन सिस्टम’ बना ग्लोबल डिमांड, ताइवान ने मांगा सप्लाई!

भारत द्वारा विकसित आधुनिक सुरक्षा तकनीक अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, ताइवान ने भारत से D4 एंटी-ड्रोन सिस्टम Detect, Deter, Destroy, Defend खरीदने की आधिकारिक मांग की है। इस प्रणाली का निर्माण भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) Bharat Electronics Limited द्वारा किया गया है।

इवान ने भारत से मांगा D4 एंटी ड्रोन सिस्टम
D4 सिस्टम Detect, Deter, Destroy, Defend एक मल्टी-लेयर डिफेंस मैकेनिज्म है, जिसे दुश्मन के ड्रोन को पहचानने, उसे जाम करने और खत्म करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह सिस्टम सीमावर्ती इलाकों, एयरबेस और महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर को ड्रोन हमलों से सुरक्षित रखने में सक्षम है। भारत ने इसका सफलतापूर्वक प्रदर्शन कई रक्षा एक्सपो में किया है, और यह अब भारतीय सेना व अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उपयोग में लाया जा रहा है। DRDO सूत्रों की मानें, तो ताइवान की रक्षा जरूरतों को देखते हुए उन्होंने भारत से इस तकनीक की मांग की है। इस कदम को भारत की रक्षा निर्यात नीति के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। BEL और रक्षा मंत्रालय इस प्रस्ताव पर सकारात्मक बातचीत कर रहे हैं। अगर यह डील फाइनल होती है, तो यह भारत की टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र की बढ़ती साख का स्पष्ट संकेत होगा

भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा निर्मित D4 एंटी-ड्रोन सिस्टम ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने पराक्रम का प्रदर्शन किया। जब पाकिस्तान ने तुर्की और चीन में बने करीब 300 से 400 ड्रोन भारतीय सीमा में भेजे, तब भारत के D4 सिस्टम ने तुरंत एक्शन लिया। इस सिस्टम ने एडवांस सॉफ्ट-किल जैमिंग तकनीक और हार्ड-किल लेजर हथियारों की मदद से सभी दुश्मन ड्रोन को हवा में ही खत्म कर दिया।

 

 

 

 

 

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