आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का असर..एमपी में भी बदला मौसम का मिजाज

Cyclonic storm Montha impacts coastal Andhra Pradesh weather changes in MP too

आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का असर..एमपी में भी बदला मौसम का मिजाज

आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने दस्तक दे दी है। तेज हवाओं और भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम और ओंगोल में समुद्र उफान पर है, जबकि प्रशासन ने निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक स्थिति गंभीर बने रहने की चेतावनी दी है। वहीं ओडिशा और तमिलनाडु में भी अलर्ट जारी किया गया है।..तूफान की रफ्तार और दिशा पर लगातार नजर रखी जा रही है। क्योंकि इसके असर से उत्तर भारत के कई राज्यों का मौसम भी बदलने लगा है।

आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने तटीय इलाकों में लैंडफॉल शुरू कर दिया। राज्य के कई तटीय जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, जबकि रेलवे ने दर्जनों ट्रेनों को रद्द कर दिया है। साइक्लोन मोथा के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओसा और तमिलनाडु ये तीनों राज्य हैं जो हाई अलर्ट पर माना जा रहा है कि तटीय इलाकों में तूफान भीषण तबाही मचाना शुरू कर सकता है। बिहार, दिल्ली एनसीआर,राजस्थान,यूपी,एमपी, छत्तीसगढ़ और कौन-कौन से राज्य हैं जहां तूफान ने मौसम को बदल दिया है। मौसम विभाग ने आगे कैसी चेतावनी दी है। कैसा रहेगा आपके शहर में मौसम आइये जानते हैं।

किसानों में फिर डर का माहौल है कि पिछले बार मानसून ने फसलें तबाह कर दी थी। क्या उसी तरह यह तूफान मौथा अब सर्दी की फसल को भी नष्ट कर देगा। तूफान की खबर से किसान
घबराए हुए हैं। वहीं बिहार, यूपी समेत राजस्थान, तेलंगाना, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु में 28 से 30 अक्टूबर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। आसपास के कई राज्यों
में गरज चमक के साथ भारी अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम विभाग ने यूपी के आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, मैनपुरी, जालौन, झांसी, महोबा, ललितपुर, हमीरपुर समेत 10
जिलों में भारी बारिश की संभावना जता दी है। समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं.. तेज लहरें और भारी बारिश की वजह से विशाखापट्टनम के मछली पकड़ने वाले बंदरगाह पर नावें खाली पड़ी हैं। मछुआरों को बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने ना जाने की सलाह दे दी गई है। इतना ही नहीं सेना और तटरक्षक बल तैयार हैं। जलवायु परिवर्तन से तूफानों की तीव्रता बढ़ने की चेतावनी भी दी गई है।

मौथा तूफान के प्रभाव से मध्यप्रदेश के मौसम में बदलाव साफ देखा जा सकता है। दिन के तापमान में गिरावट और रात में बढ़ती ठंड के साथ हवा में नमी बढ़ गई है। किसानों के लिए यह बदलाव राहत और चिंता दोनों लेकर आया है—जहां नमी से रबी फसलों को फायदा मिल सकता है, वहीं तेज हवाएं और बौछार का खतरा नुकसानदेह साबित हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मध्यप्रदेश का मौसम इसी तरह का बना रहेगा। प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
साइक्लोन मोथा के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओसा और तमिलनाडु ये तीनों राज्य हैं जो हाई अलर्ट पर हैं। आपदा प्रबंधन टीमें तैनात की गई हैं और मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र से दूर रहने की सलाह दे दी गई है तो वहीं राजस्थान में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। सोमवार को जयपुर में सुबह से बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बूंदा-बंदी के बीच मौसम ठंडा रहा। धुंध छाने के बीच दृश्यता भी कम रही। तापमान में भी 4 से 6° गिरावट दर्ज की गई है। तो वहीं आज 28 अक्टूबर को बारिश की चेतावनी दी है। राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में दे दी गई है।

तूफान ‘मोंथा’ ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि जलवायु परिवर्तन अब केवल चेतावनी नहीं, बल्कि सच्चाई बन चुका है। तटीय राज्यों में तबाही का खतरा टला नहीं है, जबकि उत्तर भारत में बारिश और ठंड के बढ़ते असर से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं और सेना व एनडीआरएफ टीमें चौकसी में जुटी हैं। किसानों को फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंता है, वहीं आम लोगों से घरों में सुरक्षित रहने की अपील की गई है। अब सबकी निगाहें मौसम विभाग की अगली चेतावनी और तूफान की दिशा पर टिकी हैं। (प्रकाश कुमार पांडेय)

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