कच्चे तेल में उबाल, फिर भी पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर; जानिए आज के ताजा रेट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिल रहा है। ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। इसके बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की खबर है। सरकारी तेल कंपनियों ने गुरुवार, 20 अगस्त को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
यानी वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बावजूद देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम पुराने स्तर पर ही बने हुए हैं। हालांकि पहले से ऊंची कीमतों के कारण वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं पर ईंधन का बोझ लगातार बना हुआ है।
25 मई के बाद नहीं बदले दाम
भारतीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आखिरी बदलाव 25 मई 2026 को हुआ था। इससे पहले मई महीने में सरकारी तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कई बार बदलाव किया गया था।
तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, रुपये की विनिमय दर और अन्य लागतों को ध्यान में रखते हुए कीमतों की समीक्षा करती हैं। हालांकि फिलहाल कच्चे तेल में तेजी के बावजूद घरेलू बाजार में इसका सीधा असर दिखाई नहीं दे रहा है।
महानगरों में आज का पेट्रोल-डीजल भाव
दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर, डीजल ₹95.20 प्रति लीटर
मुंबई: पेट्रोल ₹111.21 प्रति लीटर, डीजल ₹97.83 प्रति लीटर
कोलकाता: पेट्रोल ₹113.51 प्रति लीटर, डीजल ₹99.82 प्रति लीटर
चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 प्रति लीटर, डीजल ₹99.55 प्रति लीटर
नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर, डीजल ₹97.56 प्रति लीटर
सुबह 6 बजे जारी होते हैं नए रेट
पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे अपडेट की जाती हैं। उपभोक्ता मोबाइल फोन से SMS भेजकर भी अपने शहर में पेट्रोल-डीजल की कीमत जान सकते हैं।
इंडियन ऑयल के ग्राहक RSP लिखकर स्पेस के बाद अपने शहर का कोड डालें और इसे 9224992249 पर भेजें।
BPCL उपभोक्ता RSP के बाद स्पेस देकर शहर का कोड 9223112222 पर भेज सकते हैं।
वहीं HPCL ग्राहक HPPRICE के बाद स्पेस देकर शहर का कोड 9222201122 पर भेजकर अपने क्षेत्र का ताजा पेट्रोल-डीजल भाव पता कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचना आने वाले दिनों में भारत के लिए अहम संकेत है। फिलहाल घरेलू पेट्रोल-डीजल कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन यदि वैश्विक तेजी लंबे समय तक बनी रहती है तो आगे कीमतों पर दबाव बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।