कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत पिछले कुछ महीनों के उच्च स्तर से गिरकर 88.36 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी करीब 82.61 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। इससे वैश्विक बाजार में राहत का माहौल बना हुआ है।
अमेरिका-ईरान तनाव कम होने का असर
तेल की कीमतों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में तनाव कम होना माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव फिलहाल टल गया है और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक वार्ता जारी है। होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल सप्लाई सामान्य रहने की उम्मीदों ने भी बाजार को मजबूत संकेत दिए हैं।
चीन और पाकिस्तान की बढ़ी सक्रियता
चीन भी इस पूरे घटनाक्रम में अहम भूमिका निभा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान से सहयोग मांगा है। चीन की प्राथमिकता तेल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना है, क्योंकि किसी भी तनाव का सीधा असर उसकी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
भारत में सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सबसे बड़ा फायदा भारत को मिल सकता है। भारतीय तेल कंपनियों का आयात बिल कम होने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिल सकती है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह गिरावट बनी रहती है, तो आम जनता को भी इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।