कच्चा तेल 110 डॉलर पार, फिर भी पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, कब तक राहत देंगी तेल कंपनियां?

Crude oil crosses

 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने तेल बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। ईरान-इजरायल युद्ध से पहले जिस कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे थी, उसमें अब भारी उछाल देखने को मिल रहा है। इसके बावजूद देश में सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है। सवाल है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हो रहा है, तो क्या घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलती रहेगी? या फिर आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है?

कच्चे तेल में उबाल, पंप पर कीमतें स्थिर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए बड़ी चुनौती हैं। भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में कीमतें बढ़ने का सीधा असर देश के आयात बिल और तेल कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है।

फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं हैदराबाद में पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर है। यानी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों का दबाव बढ़ रहा है, लेकिन घरेलू बाजार में फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है।

मई में बढ़े थे दाम, अब फिर बढ़ने की आशंका?

साल 2022 के बाद इस साल मई में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी हुई थी। इससे घरेलू स्तर पर दोनों ईंधनों के दाम कुल 7.50 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गए थे। इसके बाद से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

लेकिन अब हालात फिर चुनौतीपूर्ण हो रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी लंबे समय तक बनी रहती है, तो तेल कंपनियों के सामने लागत और खुदरा कीमतों के बीच संतुलन बनाए रखने का दबाव बढ़ सकता है।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होने का मतलब यह नहीं है कि घरेलू कीमतें तुरंत बढ़ जाएंगी। सरकारी तेल कंपनियों की मूल्य नीति, रुपये और डॉलर की विनिमय दर, करों और अन्य लागतों का भी कीमतों पर असर पड़ता है।

निजी कंपनियों ने बढ़ाए दाम, सरकारी कंपनियां स्थिर

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर निजी तेल कंपनियों के फैसले भी चर्चा में हैं। जियो-बीपी ने पेट्रोल के दाम 5 रुपये और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे। नायरा ने भी कीमतों में बढ़ोतरी की थी।

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