अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, रेड सी में तेल टैंकरों पर हमलों और वैश्विक सप्लाई को लेकर बढ़ी आशंकाओं ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इसके बावजूद भारत में आम उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की खबर है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 24 जुलाई 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
- क्रूड ऑयल में उछाल, ईंधन कीमतें स्थिर
- भोपाल में आज भी पुराने रेट लागू
- मध्य-पूर्व तनाव से बढ़ी वैश्विक चिंता
- महानगरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव
- क्या जल्द महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। शुक्रवार को पेट्रोल ₹114.54 प्रति लीटर और डीजल ₹99.84 प्रति लीटर पर बिक रहा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी के कारण आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर सुबह छह बजे अपडेट होती हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद देश में पिछले कई सप्ताह से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। इससे वाहन चालकों, परिवहन क्षेत्र और आम उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है।
ब्रेंट क्रूड दो महीने के उच्चतम स्तर पर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को ब्रेंट क्रूड करीब 8.4 प्रतिशत की तेजी के साथ 101.93 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं अमेरिकी बेंचमार्क WTI क्रूड 93.44 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव, रेड सी में जहाजों पर हमले और वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका के कारण तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल और महंगा हो सकता है।
भारत में फिलहाल क्यों नहीं बढ़े दाम?
भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें सरकारी तेल विपणन कंपनियां तय करती हैं। ये कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर-रुपया विनिमय दर, टैक्स, फ्रेट चार्ज और अन्य लागतों को ध्यान में रखकर कीमतें निर्धारित करती हैं।
हालांकि फरवरी के अंत में पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 8 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन 25 मई 2026 के बाद से कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार फिलहाल उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालना चाहती, इसलिए कीमतें स्थिर रखी गई हैं।
भोपाल में क्या हैं आज के रेट?
भोपाल में शुक्रवार को पेट्रोल ₹114.54 प्रति लीटर और डीजल ₹99.84 प्रति लीटर पर बिक रहा है। प्रदेश के अन्य शहरों में स्थानीय टैक्स और वैट के कारण मामूली अंतर देखने को मिल सकता है। वाहन चालकों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी जारी रहती है तो आने वाले दिनों में कीमतें बढ़ने की आशंका बनी रहेगी। फिलहाल स्थिर कीमतों से लोगों को राहत जरूर मिली है।
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| भोपाल | 114.54 | 99.84 |
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
क्या 120 डॉलर तक पहुंच सकता है कच्चा तेल?
वैश्विक निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई और मध्य-पूर्व में तनाव बना रहा, तो वर्ष के अंत तक ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है तो दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतों पर असर पड़ सकता है। भारत में भी सरकार और तेल कंपनियों को कीमतों की समीक्षा करनी पड़ सकती है।
ऐसे चेक करें अपने शहर का ताजा रेट
अगर आप रोजाना पेट्रोल और डीजल की कीमत जानना चाहते हैं, तो घर बैठे SMS या मोबाइल ऐप के जरिए जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- Indian Oil (IOC): RSP लिखकर शहर का कोड जोड़ें और 9224992249 पर भेजें।
- Bharat Petroleum (BPCL): RSP लिखकर 9223112222 पर SMS भेजें।
- Hindustan Petroleum (HPCL): HP Price लिखकर 9222201122 पर SMS करें।
तीनों कंपनियां अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर भी रोज सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। फिलहाल देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की तेजी आने वाले दिनों की दिशा तय करेगी। यदि मध्य-पूर्व का तनाव और बढ़ता है या वैश्विक सप्लाई प्रभावित होती है, तो भारत में भी ईंधन की कीमतों की समीक्षा हो सकती है। अभी के लिए आम उपभोक्ताओं को राहत जरूर है, लेकिन बाजार की नजर अब पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और क्रूड ऑयल की चाल पर टिकी हुई है।