Crorepati Club in the Rajya Sabha: राज्यसभा में ‘करोड़पति क्लब’ का दबदबा…226 सांसदों की संपत्ति ₹26 हजार करोड़ के पार…इस राज्य के सांसद सबसे अमीर..दौलत के साथ ‘दाग’ भी!

Crorepati Club in the Rajya Sabha

देश की संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा को अक्सर अनुभवी नेताओं, विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं का मंच माना जाता है। लेकिन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताजा रिपोर्ट ने राज्यसभा की एक ऐसी तस्वीर सामने रखी है, जो राजनीति के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक असमानताओं पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है।

31 सांसद अरबपति

69 पर आपराधिक मामले

तेलंगाना सांसद निकले सबसे अमीर

संसद के ऊपरी सदन की नई तस्वीर

दौलत, दाग और लोकतंत्र का दिलचस्प गणित

रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यसभा के 226 सांसदों की कुल घोषित संपत्ति ₹26,047 करोड़ से अधिक है। यानी औसतन हर सांसद के पास ₹115 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। इतना ही नहीं, सदन के 90 प्रतिशत से अधिक सदस्य करोड़पति हैं, जबकि 31 सांसद ऐसे हैं जिनकी संपत्ति ₹100 करोड़ से अधिक है। यह आंकड़े बताते हैं कि देश की कानून बनाने वाली सर्वोच्च संस्थाओं में से एक में अब आर्थिक रूप से बेहद संपन्न लोगों की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है।

राज्यसभा में ‘अरबपतियों का क्लब’

ADR की रिपोर्ट के अनुसार 226 में से 31 सांसद अरबपति हैं। यानी लगभग हर सातवां सांसद 100 करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति का मालिक है। सबसे ज्यादा अरबपति सांसद भाजपा और कांग्रेस के पास हैं।

पार्टी अरबपति सांसद
बीजेपी 7
कांग्रेस 6
YSRCP 2
टीडीपी 2
BRS 2
NCP 2

यह आंकड़ा दिखाता है कि आर्थिक संपन्नता अब किसी एक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दलों में बड़े कारोबारी और संपन्न वर्ग का प्रभाव बढ़ा है।

तेलंगाना: राज्यसभा का सबसे अमीर राज्य

रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला तथ्य तेलंगाना को लेकर सामने आया है। राज्यसभा में तेलंगाना के सात सांसदों की कुल संपत्ति ₹8,310 करोड़ से अधिक है। और सबसे दिलचस्प बात यह कि— सात में से चार सांसद अरबपति हैं। यानी राज्यसभा में मौजूद तेलंगाना के 57 प्रतिशत सांसद अरबपति श्रेणी में आते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेलंगाना में रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और फार्मा उद्योग के तेजी से विस्तार का असर राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर भी दिखाई दे रहा है।

कौन हैं राज्यसभा के सबसे अमीर सांसद?

1. डॉ. बंदी पार्थ सराधी (BRS, तेलंगाना)

कुल संपत्ति: ₹5,300 करोड़ से अधिक

राज्यसभा के सबसे अमीर सांसद के रूप में उनका नाम सामने आया है। उनकी घोषित संपत्ति कई बड़े उद्योगपतियों की व्यक्तिगत संपत्ति के बराबर मानी जा रही है।

2. राजिंदर गुप्ता (भाजपा, पंजाब)

कुल संपत्ति: ₹5,053 करोड़

पंजाब से भाजपा सांसद राजिंदर गुप्ता दूसरे स्थान पर हैं।

3. अभिषेक मनु सिंघवी (कांग्रेस, तेलंगाना)

कुल संपत्ति: ₹2,558 करोड़

देश के चर्चित वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी तीसरे स्थान पर हैं।

सबसे गरीब सांसद कौन?

राज्यसभा की तस्वीर का दूसरा पहलू भी उतना ही दिलचस्प है।

जहां कुछ सांसदों की संपत्ति हजारों करोड़ में है, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिनकी संपत्ति लाखों में सिमटी हुई है।

सांसद संपत्ति
संत बलबीर सिंह (AAP, पंजाब) ₹3.79 लाख
एए रहीम (CPI-M) ₹11.62 लाख
सुमित्रा वाल्मीक (भाजपा, मध्यप्रदेश) ₹17.85 लाख

इन आंकड़ों से राज्यसभा के भीतर आर्थिक असमानता का बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है।

दौलत के साथ ‘दाग’ भी

ADR की रिपोर्ट केवल संपत्ति तक सीमित नहीं है।

राज्यसभा के 226 में से 69 सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

यह कुल सांसदों का लगभग 31 प्रतिशत है।

इनमें से 36 सांसदों पर गंभीर आपराधिक मामले हैं।

गंभीर मामलों में शामिल हैं:

  • हत्या का मामला – 1 सांसद
  • हत्या के प्रयास के मामले – 4 सांसद
  • महिलाओं के खिलाफ अपराध – 4 सांसद

किन दलों के सांसदों पर सबसे ज्यादा मामले?

राजनीतिक दलों के आधार पर देखें तो लगभग सभी प्रमुख दलों के सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

आपराधिक मामलों वाले सांसद

  • बीजेपी – 28
  • कांग्रेस – 12
  • टीडीपी – 3
  • आरजेडी – 2
  • समाजवादी पार्टी – 2
  • बीआरएस – 3
  • सीपीआई(एम) – 3

गंभीर मामलों वाले सांसद

  • बीजेपी – 14
  • कांग्रेस – 8
  • CPI(M) – 2
  • टीडीपी – 1
  • बीआरएस – 1
  • एनसीपी – 1

यह स्थिति एक बार फिर राजनीति के अपराधीकरण पर बहस को हवा देती है।

कितने सांसद करोड़पति हैं?

राज्यसभा के सांसदों की संपत्ति का वर्गीकरण देखें तो—

संपत्ति सांसद
₹10 करोड़ से अधिक 100
₹5-10 करोड़ 41
₹1-5 करोड़ 66
₹20 लाख-1 करोड़ 15
₹20 लाख से कम 4

यानी 226 में से 222 सांसद करोड़पति या उसके करीब हैं।

कर्जदार करोड़पति भी कम नहीं

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई सांसदों की संपत्ति जितनी बड़ी है, उनकी देनदारियां भी उतनी ही विशाल हैं।

सबसे ज्यादा देनदारी वाले सांसद

परिमल नाथवानी (निर्दलीय, झारखंड)

  • कुल संपत्ति: ₹755 करोड़
  • देनदारी: ₹256 करोड़

हाल ही में झारखंड से राज्यसभा चुनाव जीतने वाले परिमल नाथवानी सबसे अधिक देनदारी वाले सांसद हैं।

बी. रामा कृष्णा (टीडीपी, आंध्र प्रदेश)

  • कुल संपत्ति: ₹672 करोड़
  • देनदारी: ₹200 करोड़ से अधिक

जया बच्चन (समाजवादी पार्टी)

  • कुल संपत्ति: ₹1,578 करोड़
  • देनदारी: ₹149 करोड़ से अधिक

क्या कहते हैं ये आंकड़े?

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह रिपोर्ट तीन बड़े संकेत देती है—

1. राजनीति में पूंजी का प्रभाव बढ़ रहा है

संसद में बड़ी आर्थिक ताकत रखने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

2. राजनीति का अपराधीकरण अभी भी चुनौती

तीन में से एक सांसद पर आपराधिक मामला होना लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।

3. आर्थिक असमानता की झलक

एक तरफ हजारों करोड़ के मालिक सांसद हैं, तो दूसरी तरफ कुछ सांसद ऐसे भी हैं जिनकी संपत्ति एक मध्यमवर्गीय परिवार से भी कम है। ADR की यह रिपोर्ट राज्यसभा की एक ऐसी तस्वीर पेश करती है, जिसमें लोकतंत्र, धनबल और दागदार राजनीति तीनों की झलक दिखाई देती है। ₹26 हजार करोड़ से अधिक की कुल संपत्ति, 31 अरबपति सांसद और 69 सांसदों पर दर्ज आपराधिक मामले यह संकेत देते हैं कि भारत की संसदीय राजनीति में आर्थिक ताकत और राजनीतिक प्रभाव का रिश्ता लगातार मजबूत हो रहा है। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या भविष्य में संसद आम नागरिकों का प्रतिनिधित्व अधिक करेगी या फिर आर्थिक रूप से शक्तिशाली वर्गों की मौजूदगी और बढ़ती जाएगी?

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