सीपीसी का आत्म-सुधार अभियान: भ्रष्टाचार पर कार्रवाई और पार्टी अनुशासन मजबूत करने की रणनीति

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय कमेटी के महासचिव शी चिनफिंग ने
सत्ताधारी पार्टी के आत्म सुधार की चर्चा में कहा था कि विष को दूर करने
के लिए हड्डी को खुरचने या शरीर बचाने के लिए बांह काटने के साहस से
स्वच्छ पार्टी निर्माण और भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष का अंत तक बखूबी
अंजाम देना चाहिए। इससे देखा जाए तो आत्म सुधार का फोकस गहरी
समस्याएं दूर करना है।

नये युग में सीपीसी का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान पार्टी के आत्म सुधार
की एक जीवंत मिसाल है। भ्रष्टाचार का विरोध पार्टी की स्वच्छता बनाने
का व्यावहारिक और प्रभावी उपाय है। विभिन्न स्तरों पर भ्रष्ट अधिकारियों
की जांच कर उनको सख्त सज़ा देने और पुरानी तथा जटिल समस्याओं
का समाधान करने से पार्टी की आत्म स्वच्छता पूरी की जाती है। यह पेड़
पर विभिन्न हानिकारक कीड़े दूर करने और मुरझाई शाखाओं को काटने
जैसा है। भ्रष्टाचार विरोधी अनुभव स्थिर बनाकर अनुशासन और नियम
बनाने से आत्म सुधार पूरा किया जाता है। पैसे और अधिकार के सौदे की
चेन तोड़कर स्वच्छ राजनीतिक पारिस्थितिकी के निर्माण से पार्टी को
नया जीवन मिला है। निरंतर अभ्यास से व्यापक पार्टी सदस्यों और
कार्यकर्ताओं ने नियम का पालन कर अपना कर्तव्य लागू करने की क्षमता
उन्नत की और आत्म-सुधार पूरा किया।

आंतरिक सवाल के समाधान के लिए सीपीसी जनता की निगरानी और
आत्म सुधार दोनों पर बल देती है। जनता की निगरानी बाहर से आती है,
जबकि आत्म सुधार खुद कमजोरी मिटाने का पहला कदम है।
सीपीसी के आत्म सुधार के साहस का स्रोत दो पहलुओं से है। पहला,
सीपीसी का शुरू से ही कोई स्वार्थ नहीं है। उसका मिशन सिर्फ राष्ट्र और
जनता की सेवा करना है। दूसरा, चीनी राष्ट्र का परंपरागत शासन ज्ञान।
सीपीसी अकसर लंबे इतिहास में बनी श्रेष्ठ परंपरागत संस्कृति से ज्ञान
लेती है।

देश शासन के लिए पार्टी का शासन करना है। पार्टी के शासन के लिए
सख्ती का अनुसरण करना है। सीपीसी के आत्म सुधार ने विश्व के अन्य

पार्टियों के लिए अनुभव भी प्रदान किया है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

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