नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाए गए चीतों की लगातार मौत हो रही है। दो महीने के भीतर तीन चीतों की जान चली गई। इस तरह लगातार मर रहे चीते को लेकर चिंताए व्यक्त की जाने लगीं है। आखिर इनकी मौत क्यों हो रही है और उन्हे कैसे संभाला जाए। इसको लेकर भी वाइल्ड लाइफ के जानकार विचार कर रहे हैं। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने इन चीतों की मौत पर चिंता जाहिर की है। देश के शीर्षस्थ न्यायालय ने सरकार को फटकार लगाते हुए गंभीर बात कही है।
कब कब हुई चीतों की मौत
बता दें कि नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाई गई मादा चीता ‘साशा’ की 27 मार्च को मौत हुई थी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीता ‘उदय’ की 23 अप्रैल को मृत्यु हो गई। वहीं 9 मई को ‘दक्षा’ नामक एक अन्य दक्षिण अफ्रीकी मादा चीता की मौत हुई थी। 2 महीने के अंदर 3 चीतों की मौत हुई हैं। उल्लेखनीय है कि प्रोजेक्ट चीता के तहत करोड़ों रुपए खर्च करके 8 चीतों की पहली खेप नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाई गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सिंतबर को अपने जन्मोत्सव पर सभी चीतों को पार्क में छोड़ा था। इसके बाद 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे। जिनको मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाड़े में छोड़ा था। कूनो में 70 साल बाद 20 चीते छोड़े गए थे। लेकिन 3 की मौत हो गई है। अब पार्क में 17 चीते ही बचे हैं। हालांकि राहत की बात ये है मादा चीता सियाया ने 4 शवकों को जन्म भी दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने लताड़ लगाते हुए कहा
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में दो माह के भीतर 3 चीतों की मौत पर चिंता जताई है। न्यायालय ने अदालत ने वन्यजीव विशेषज्ञ समिति को 15 दिन के अंदर चीता टास्क फोर्स को सुझाव देने के भी निर्देश दिए है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि केंद्र सरकार को दूसरे पार्क या सेंचुरी में चीतों को शिफ्टिंग पर विचार करना चाहिए।
कोर्ट ने की गंभीर टिप्पणी
देश के शीर्षस्थ न्यायालय ने सवाल करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि कूनों में चीतों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।एक जगह पर चीतों की सघनता बहुत अधिक होती है। आप राजस्थान में उपयुक्त स्थान की तलाश क्यों नहीं करते? कोर्ट ने यह भी कहा कि केवल इसलिए कि राजस्थान में विपक्षी दल का शासन है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप इस पर विचार नहीं करेंगे। केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि उन्हें अन्य अभयारण्यों में स्थानांतरित करने सहित सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।





