NDA में बनी सहमति, 13 अक्टूबर को आ सकती है पहली सूची — बीजेपी का होमवर्क पूरा, सीट बंटवारे पर फाइनल सहमति
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के भीतर सीट बंटवारे पर जारी सस्पेंस अब खत्म होता नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, एनडीए के घटक दलों — बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास), हम और आरएलएसपी — के बीच सीट बंटवारे पर लगभग सहमति बन चुकी है। फाइनल ड्राफ्ट को लेकर अब केवल औपचारिक घोषणा बाकी है। माना जा रहा है कि 13 अक्टूबर को एनडीए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी हो जाएगी।
- सीट बंटवारे पर बनी सहमति
- 13 अक्टूबर को पहली सूची
- दिल्ली में होगी अहम बैठक
- बीजेपी का होमवर्क हुआ पूरा
- जेडीयू ने सौंपी बातचीत जिम्मेदारी
- सहयोगी दलों से सकारात्मक संकेत
- प्रधानमंत्री भी रहेंगे बैठक में
- हर सीट पर तैयार उम्मीदवार पैनल
- आयोग ने तैनात किए 8.5 लाख कर्मी
- बिहार चुनाव का काउंटडाउन शुरू
सीट बंटवारे पर बनी सहमति
एनडीए की ओर से बातचीत के बाद अब किसी तरह का मतभेद नहीं बचा है। जेडीयू ने स्पष्ट किया है कि वह बीजेपी को अन्य सहयोगी दलों से बातचीत के लिए अधिकृत करती है। इसके तहत चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाह के साथ सीटों को लेकर चर्चाएं सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ी हैं।
13 अक्टूबर को पहली सूची का ऐलान
सूत्रों के मुताबिक, एनडीए की पहली उम्मीदवार सूची 13 अक्टूबर को साझा रूप से जारी की जाएगी। इस सूची में सभी घटक दलों के उम्मीदवार शामिल होंगे। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक 12 अक्टूबर को दिल्ली में होने की संभावना है। इसी बैठक में सीटों और उम्मीदवारों को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
दिल्ली में होगी अहम बैठक
11 अक्टूबर को दिल्ली में बीजेपी के बिहार कोर ग्रुप की बैठक बुलाई गई है, जिसमें राज्य नेतृत्व अंतिम सिफारिशें सौंपेगा। अगले दिन यानी 12 अक्टूबर को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
बीजेपी का होमवर्क पूरा
बीजेपी ने अपने हिस्से की सीटों को लेकर राज्य स्तर पर पूरा होमवर्क कर लिया है। पार्टी ने हर विधानसभा क्षेत्र से तीन-तीन संभावित उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं। पटना में हुई राज्य चुनाव समिति की बैठक में इन नामों पर विस्तार से चर्चा हुई और पैनल तैयार किया गया। अब अंतिम निर्णय केंद्रीय समिति द्वारा लिया जाएगा।
जेडीयू ने सौंपी बातचीत की जिम्मेदारी
नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने बीजेपी को अधिकृत किया है कि वह सहयोगी दलों से सीट बंटवारे पर अंतिम बातचीत करे। इस निर्णय के बाद एलजेपी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान और हम प्रमुख जीतन राम मांझी से संवाद को नया आयाम मिला है। सूत्रों का कहना है कि अधिकांश सीटों पर मतैक्य बन गया है।
सहयोगी दलों से सकारात्मक संकेत
एनडीए के भीतर अब माहौल सकारात्मक दिख रहा है। पूर्व में जो मतभेद उभरते नजर आ रहे थे, उन्हें बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया है। एनडीए का लक्ष्य इस बार बिहार में 2020 से भी अधिक सीटें जीतने का है। चुनावी रणनीति में जातीय समीकरण और विकास एजेंडा को प्रमुखता दी गई है।
बैठक में प्रधानमंत्री भी रहेंगे मौजूद
बीजेपी की 12 अक्टूबर को प्रस्तावित बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूद रहेंगे। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बिहार प्रभारी विनोद तावड़े और संगठन मंत्री भी हिस्सा लेंगे। बैठक में उम्मीदवार चयन के साथ-साथ प्रचार अभियान की रूपरेखा पर भी चर्चा होगी।
हर सीट पर तैयार उम्मीदवार पैनल
राज्य नेतृत्व ने बताया है कि प्रत्येक विधानसभा सीट के लिए तीन संभावित उम्मीदवारों का पैनल तैयार किया गया है। इनमें सामाजिक समीकरण, स्थानीय लोकप्रियता और संगठन के सुझावों को ध्यान में रखा गया है। अब केंद्रीय समिति में इस सूची पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
आयोग ने तैनात किए 8.5 लाख कर्मी
उधर, बिहार चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की तैयारियां भी पूरी रफ्तार पर हैं। आयोग ने बताया कि राज्य में मतदान की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगभग 8.5 लाख चुनाव अधिकारियों की तैनाती की गई है। इनमें 4.53 लाख मतदान कर्मी, 2.5 लाख पुलिस अधिकारी, 28,370 मतगणना कर्मी, 17,875 माइक्रो ऑब्जर्वर, 9,625 सेक्टर अधिकारी, 4,840 मतगणना माइक्रो ऑब्जर्वर और 90,712 आंगनवाड़ी सेविकाएं शामिल होंगी।
बिहार चुनाव का काउंटडाउन शुरू
एनडीए की तैयारियों और आयोग की तैनाती के साथ अब बिहार विधानसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। 13 अक्टूबर को उम्मीदवारों की पहली सूची आने के बाद चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच जाएगी। हर दल अब जनता के बीच अपनी नीतियों, विकास कार्यों और वादों के साथ उतरने की तैयारी में है।
एनडीए के भीतर बनी सहमति ने सियासी माहौल को नया मोड़ दे दिया है। सीट बंटवारे के मसले पर स्पष्टता आने के बाद अब फोकस प्रचार रणनीति और उम्मीदवार चयन पर होगा। 13 अक्टूबर को आने वाली पहली सूची यह तय करेगी कि बिहार में इस बार एनडीए किस संतुलन के साथ मैदान में उतरता है। प्रकाश कुमार पांडेय