दतिया उपचुनाव में कांग्रेस ने पलटा मुकाबला, चौथे राउंड के बाद घनश्याम सिंह आगे शुरुआती बढ़त गंवाकर भाजपा पीछे, कांग्रेस ने 800 से अधिक वोटों की बढ़त बनाई; 11 राउंड की मतगणना अभी बाकी

Datia by election Ghanshyam Singh leads after the fourth round

दतिया। मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में मुकाबला लगातार रोमांचक बना हुआ है। शुरुआती दो राउंड में बढ़त बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी तीसरे और चौथे राउंड के बाद पिछड़ गई है। चार राउंड की मतगणना पूरी होने तक कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने 800 से अधिक मतों की बढ़त हासिल कर ली है। हालांकि अभी 11 राउंड की मतगणना शेष है, ऐसे में अंतिम परिणाम को लेकर दोनों दलों में उत्सुकता बनी हुई है।

मतगणना की शुरुआत में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को बढ़त मिली थी। पहले राउंड में उन्हें 4,651 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के घनश्याम सिंह को 3,367 वोट प्राप्त हुए और भाजपा लगभग 1,284 मतों से आगे थी। लेकिन दूसरे राउंड से तस्वीर बदलनी शुरू हुई। कांग्रेस को इस चरण में बढ़त मिली और घनश्याम सिंह लगभग 200 वोटों से आगे निकल गए।

तीसरे राउंड की गिनती में कांग्रेस ने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। इस राउंड में कांग्रेस को 4,998 वोट मिले, जबकि भाजपा को 4,262 और आजाद समाज पार्टी (आसपा) को 1,344 वोट प्राप्त हुए। तीन राउंड के बाद कांग्रेस के कुल मत 12,432 हो गए, जबकि भाजपा 12,399 वोटों के साथ 33 मत पीछे चली गई।

चौथे राउंड के बाद कांग्रेस ने अपनी बढ़त को निर्णायक रूप देना शुरू कर दिया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह को कुल 4,808, भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 4,058 और आसपा के दामोदर यादव को 2,025 वोट मिले। इसके साथ ही कांग्रेस की कुल बढ़त 800 से अधिक वोटों तक पहुंच गई।

चौथे राउंड के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने अपनी जीत का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि शुरुआती रुझानों में मिली बढ़त आगे और बढ़ेगी, क्योंकि अभी शहरी क्षेत्रों की मतगणना बाकी है। उन्होंने भाजपा के जीत के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे बयान कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने के लिए दिए जाते हैं।

उधर भाजपा भी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रही है। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मतगणना के दौरान कहा कि उन्हें शुरू से विश्वास है कि भाजपा यह चुनाव जीतेगी। उन्होंने कांग्रेस के भीतर चल रहे विवादों का उल्लेख करते हुए पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर भी टिप्पणी की।

दतिया उपचुनाव पहले से ही राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराया था। बाद में एक पुराने मामले में सजा होने के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई, जिसके चलते इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा। इस बार कांग्रेस ने कुंवर घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया, जबकि भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा की जगह युवा नेता आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा।

मतदान से ठीक पहले कांग्रेस में भीतरघात को लेकर विवाद भी सामने आया। पार्टी ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को निष्कासित कर दिया, जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी पर ही भाजपा से मिलीभगत के आरोप लगाए। इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और अधिक राजनीतिक बना दिया। हालांकि दतिया उपचुनाव का परिणाम मध्यप्रदेश सरकार के बहुमत पर कोई प्रभाव नहीं डालेगा, लेकिन इसका राजनीतिक महत्व काफी बड़ा माना जा रहा है। भाजपा के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का प्रश्न है, जबकि कांग्रेस इसे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले अपने संगठनात्मक मनोबल को मजबूत करने का अवसर मान रही है। फिलहाल चार राउंड की मतगणना के बाद कांग्रेस उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं, लेकिन 11 राउंड की गिनती अभी बाकी है। ऐसे में अंतिम नतीजे तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। दोनों दलों के कार्यकर्ता मतगणना केंद्र के बाहर डटे हुए हैं और अब सभी की नजर अगले राउंड के परिणामों पर टिकी है।

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