प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी को जायज ठहरा रहे कांग्रेसी, पवन खेड़ा पर एफआईआर का नहीं असर

पहली बार नहीं मिलीं पीएम मोदी को गालियां

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली। सत्ता से वंचित होने के बाद कांग्रेस की बौखलाहट बढ़ती जा रही है और यह बिल्कुल आसानी से देखने को भी मिलती है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जुबान फिसलनी हो या फिर अभी कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का पीएम मोदी पर असभ्य वक्तव्य, कांग्रेस अब भी अपनी राह ठीक करती नहीं दिख रही है।

क्या है पूरा मामला?

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा अपनी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोमवार 20 फरवरी को अडानी के मुद्दे को लेकर पीएम मोदी पर हमला बोल रहे थे। वहां उन्होंने पीएम मोदी का गलत नाम लिया और जैसा कि उस वीडियो में साफ दिख रहा है, उन्होंने मजाकिया तरीके से पीएम का नाम लिया है। वह पहली बार में नरेंद्रदास लगभग बोल चुके थे, फिर वह गौतमदास बोलते हैं। इसके बाद लगभग 10 सेकेंड की चुप्पी रहती है, लेकिन फिर पवन खेड़ा हंसते हुए कहते हैं कि नाम भले दामोदरदास हो, काम तो गौतमदास का ही है।

आपको बता दें कि भारत के कई राज्यों में पिता का नाम व्यक्ति के नाम में बीच में जोड़ा जाता है, तो पवन खेड़ा का इस तरह नाम का मजाक उड़ाना न केवल ढिठाई है, बल्कि असभ्यता का सूचक भी है। पीएम के मृत पिता को घसीटना कहीं से ठीक नहीं कहा जा सकता है।

एफआईआर दर्ज, लेकिन आगे क्या…

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पीएम मोदी को ‘नरेंद्र गौतम दास मोदी’ कहकर संबोधित किया था। उनके बयान पर वाराणसी और लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज हो गई है। बीजेपी नेताओं ने पवन खेड़ा के खिलाफ वाराणसी में मामला दर्ज कराया है। कांग्रेस प्रवक्ता पर धारा 153 ए, 295 ए, और 505 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।  भाजपा नेता मुकेश शर्मा ने कांग्रेस पर गाली पॉलिटिक्स पर उतरने का आरोप लगाया और कहा कि पवन खेड़ा ने पीएम मोदी के दिवंगत पिता दामोदरदास मूलचंद मोदी के बारे में भद्दी टिप्पणियां कीं।

उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता जी, जिनका राजनीति से कोई संबंध नहीं था, उनके लिए भी कांग्रेस नेता द्वारा अपमानजनक टिप्पणी करना. कांग्रेसियों की राजनीतिक कुंठा से ग्रसित संकुचित मानसिकता को दर्शाता है।”

पहली बार नहीं हुआ है हमला

पीएम मोदी पर कोई पहली बार शाब्दिक बाण नहीं चले हैं। इससे पहले भी उन्हें सोनिया गांधी खुद मौत का सौदागर कह चुकी हैं। लालू यादव ने पीएम का बधिया करने की बात कही थी। इमरान मसूद ने तो पीएम का सिर ही काटने की धमकी दी थी। मल्लिकार्जुन खड़गे भी विवादित टिप्पणी कर चुके हैं। खुद पीएम मोदी कहते हैं कि उनकी ऊर्जा का राज यह है कि वह रोजाना दो किलो गालियां खाते हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर इस वक्तव्य को लेकर कांग्रेस घिर गयी है और उसके नेताओं की बुरी तरह ट्रोलिंग हो रही है।

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