Rahul Gandhi Press Conference: वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े का बड़ा दावा, बोले– “कर्नाटक में 6018 नाम कटे, महाराष्ट्र में 6180 जुड़े, आवेदकों को पता तक नहीं”

Congress leader Rahul Gandhi held a press conference at Indira Bhawan in the capital Delhi.

Rahul Gandhi Press Conference: वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े का बड़ा दावा, बोले– “कर्नाटक में 6018 नाम कटे, महाराष्ट्र में 6180 जुड़े, आवेदकों को पता तक नहीं”

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को राजधानी दिल्ली के इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में वोटर लिस्ट से नाम काटने और जोड़ने में बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। राहुल ने कहा कि यह खुलासा तो बस शुरुआत है, असली “हाइड्रोजन बम” अभी आना बाकी है।

वोट चोरी का नया सबूत: राहुल गांधी का बड़ा आरोप

राहुल गांधी ने कहा कि कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में 6018 आवेदन मतदाताओं के नाम से दाखिल किए गए। इनमें से किसी भी मतदाता ने आवेदन नहीं किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा खेल सॉफ्टवेयर के जरिए हुआ और इसके लिए कर्नाटक से बाहर के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया। राहुल का दावा है कि इस प्रक्रिया के जरिए कांग्रेस समर्थक मतदाताओं को टारगेट किया गया। महाराष्ट्र में भी फर्जीवाड़े का मामला उठाते हुए राहुल ने कहा, “वहां 6180 नए नाम वोटर लिस्ट में जोड़ दिए गए। जिनके नाम जोड़े गए, उन्हें खुद इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।”

“मैं सिर्फ सच बोलूंगा” – राहुल गांधी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल ने सीधे चुनाव आयोग पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त उन लोगों की रक्षा कर रहे हैं जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया है। मैं इस मंच से सिर्फ वही कहूंगा जो 100 प्रतिशत सच है और जिसे सबूतों से परखा जा सके।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वह देश, संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से प्रेम करते हैं और उसी की रक्षा कर रहे हैं।

सिस्टम हाईजैक कर वोट डिलीट किए गए – राहुल का दावा

राहुल गांधी ने आलंद का एक उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक बूथ लेवल अधिकारी ने देखा कि उसके चाचा का वोट डिलीट हो गया है। जांच करने पर पता चला कि वोट डिलीट करने वाला उसका पड़ोसी था। लेकिन पड़ोसी ने साफ कहा कि उसने ऐसा कोई काम नहीं किया। राहुल ने कहा, “असल में न तो वोट डिलीट करने वाले को जानकारी थी और न ही जिसका वोट डिलीट हुआ उसे पता था। इसका मतलब साफ है कि किसी ताकत ने सिस्टम हाईजैक करके ये वोट डिलीट किए।”

“हाइड्रोजन बम” आने वाला है

कुछ दिन पहले अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि उनकी पार्टी जल्द ही एक “हाइड्रोजन बम” जैसे बड़े खुलासे के साथ सामने आएगी। बुधवार को उन्होंने उसी बयान को दोहराते हुए कहा कि अभी तो यह शुरुआत है, आगे और बड़ा खुलासा होगा। राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि “जब पूरा सच सामने आएगा तो मोदी जी देश की जनता को मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे।”

2024 चुनाव पर भी उठाए सवाल

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान भी बड़े पैमाने पर वोट चोरी हुई। खासकर कर्नाटक के महादेवपुरा क्षेत्र में एक लाख से अधिक वोट कथित तौर पर डिलीट किए गए। इसे उन्होंने लोकतंत्र पर ‘परमाणु बम’ जैसा खतरा बताया और कहा कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गहरा प्रश्नचिह्न लग गया है।

विपक्ष का नया हथियार बनेगा “वोट चोरी” मुद्दा?

राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस इसे अपने चुनावी अभियान का बड़ा हथियार बना रही है। राहुल ने कहा कि वह आने वाले दिनों में और भी दस्तावेज और सबूत पेश करेंगे ताकि देश को समझ में आए कि लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ कैसे खिलवाड़ किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के सबूत पेश कर भारतीय चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उनके अनुसार, कर्नाटक में 6018 वोट डिलीट हुए और महाराष्ट्र में 6180 वोट बिना जानकारी जोड़े गए। राहुल का दावा है कि यह पूरा षड्यंत्र लोकतंत्र को कमजोर करने और विपक्षी मतदाताओं को टारगेट करने के लिए रचा गया। अब देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस के इस आरोप पर चुनाव आयोग और सत्ताधारी दल की ओर से क्या जवाब आता है और क्या यह मुद्दा आगामी चुनावी राजनीति का सबसे बड़ा हथियार साबित होगा। प्रकाश कुमार पांडेय

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