भारत का नक्शा सरदार पटेल की देन, कांग्रेस ने भुलाने में नहीं छोड़ी कसर: बिहार में बोले अमित शाह
पटना: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पटना में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “भारत का नक्शा सरदार पटेल की देन है, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें भुलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।” शाह ने सरदार पटेल की एकता, नेतृत्व और भारत के पुनर्गठन में उनकी भूमिका को याद करते हुए कहा कि आज का अखंड भारत उन्हीं के संकल्प और दृष्टि का परिणाम है।
- भारत का नक्शा पटेल की देन
- कांग्रेस पर बरसे अमित शाह
- पटना में बोले गृह मंत्री शाह
- पटेल की विरासत भुलाई कांग्रेस ने
- एकता दिवस परेड की घोषणा
- रन फॉर यूनिटी होगा भव्य
- 562 रियासतें जोड़ीं पटेल ने
- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का जिक्र
- भारत की एकता के प्रतीक पटेल
- मोदी सरकार ने बढ़ाया सम्मान
- एकता दिवस पर होगा भव्य आयोजन
एकता दिवस पर होगा भव्य आयोजन
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि 31 अक्टूबर को पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाएगा। गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में सरदार पटेल को समर्पित एक भव्य परेड और ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा, “आजादी के बाद 562 रियासतों को एकजुट कर भारत को एक राष्ट्र बनाने का श्रेय सरदार पटेल को जाता है। अगर पटेल न होते, तो शायद आज भारत कई हिस्सों में बंटा होता। उन्होंने जिन चुनौतियों के बावजूद देश को एक किया, वह अद्वितीय है।” अमित शाह ने कहा कि इस वर्ष की एकता परेड को खास रूप से सेना, अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस के जवानों के सम्मान में आयोजित किया जा रहा है। इसके अलावा, देशभर के स्कूलों, विश्वविद्यालयों और सरकारी संस्थानों में भी ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन होगा।
‘आज का भारत पटेल की देन है’ – अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि एक “विचारधारा” हैं। उन्होंने कहा, “महात्मा गांधी ने ही उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि दी थी। पटेल ने न केवल आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई, बल्कि आज़ाद भारत के नक्शे को एक स्वरूप देने का ऐतिहासिक काम किया।” गृह मंत्री ने कहा कि जब ब्रिटिश शासन समाप्त हुआ, तब देश में 562 रियासतें थीं। इनमें से कई स्वतंत्र रहना चाहती थीं, जबकि कुछ पाकिस्तान के साथ जुड़ने का विचार रखती थीं। “लेकिन सरदार पटेल की कूटनीति, दृढ़ता और नेतृत्व ने इन सबको भारत में मिला दिया। हैदराबाद, जूनागढ़ और कश्मीर जैसे राज्यों का भारत में विलय पटेल की रणनीति से संभव हुआ।” उन्होंने कहा, “आज जो भारत एक स्वरूप में खड़ा है, वह पटेल की देन है। उन्होंने पाकिस्तान कॉरिडोर जैसी साजिश को भी विफल किया। उनके बिना भारत की भौगोलिक एकता की कल्पना भी संभव नहीं थी।”
कांग्रेस पर हमला: ‘पटेल को भुलाने की साजिश’
अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस ने पटेल के योगदान को जानबूझकर हाशिए पर डाल दिया। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्य की बात है कि सरदार पटेल को देश में लंबे समय तक उचित सम्मान नहीं मिला। भारत रत्न देने में भी काफी देर की गई, उनके नाम पर कोई बड़ा स्मारक नहीं बनाया गया। कांग्रेस ने हमेशा उन्हें गांधी और नेहरू के साये में दबाकर रखा।” शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए सरदार पटेल के सम्मान में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ बनाने का संकल्प लिया, जो आज दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। “मोदी जी ने देशभर के किसानों से लोहे का संग्रह कराया। यह सिर्फ एक प्रतिमा नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और शक्ति का प्रतीक है। अब तक ढाई करोड़ से ज्यादा लोग स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दर्शन कर चुके हैं। यह श्रद्धांजलि केवल सरदार पटेल को नहीं, बल्कि उस भावना को है जिसने भारत को एक बनाया,” शाह ने कहा।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 31 अक्टूबर को देश के हर राज्य में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर सभी नागरिक देश की एकता और अखंडता की शपथ लेंगे। उन्होंने कहा, “हम यह नहीं भूल सकते कि सरदार पटेल ने सीमाओं को जोड़ा, दिलों को जोड़ा और भारत को एक किया। आज हम उनकी 150वीं जयंती पर यह संकल्प लें कि भारत की एकता और अखंडता को कोई भी शक्ति नहीं तोड़ सकती।” इसके साथ ही शाह ने बताया कि एकता नगर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान ‘एक भारत पर्व’ और आदिवासी परंपरा से जुड़ा विशेष आयोजन भी होगा, जो बिरसा मुंडा की स्मृति में समर्पित रहेगा।
पटना में शाह की मौजूदगी और बिहार का सियासी माहौल
अमित शाह इस समय बिहार दौरे पर हैं। उन्होंने पटना में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि “भले ही इस वक्त बिहार में चुनावी माहौल गर्म है, लेकिन सरदार पटेल की जयंती केवल राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव का विषय है।” उन्होंने कहा कि पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेकर केंद्र सरकार राष्ट्रीय एकता और विकास के एजेंडे पर काम कर रही है।
‘पटेल के बिना भारत की कल्पना अधूरी’
अमित शाह ने कहा कि इतिहास में कई बार सरदार पटेल के योगदान को कम करके दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन अब देश का हर नागरिक जानता है कि भारत का अस्तित्व उन्हीं की वजह से है। “कांग्रेस ने चाहे जितनी कोशिशें की हों, लेकिन अब हर भारतीय के मन में सरदार पटेल का नाम अमर है। उन्होंने कहा था — ‘यह देश कमजोरियों से नहीं, दृढ़ इच्छाशक्ति से चलता है।’ आज प्रधानमंत्री मोदी उसी भावना को आगे बढ़ा रहे हैं।” पटना में अमित शाह का यह बयान न केवल सरदार पटेल को श्रद्धांजलि था, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी था — कि भारतीय जनता पार्टी पटेल की विरासत को “राष्ट्रीय एकता” के प्रतीक के रूप में आगे बढ़ा रही है, जबकि कांग्रेस पर इसे दबाने का आरोप लगाती रही है। सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा आयोजित भव्य परेड, रन फॉर यूनिटी और एकता पर्व इस बात का प्रतीक हैं कि आज का भारत उनकी सोच और दूरदर्शिता पर टिका है — एक ऐसा भारत, जो अखंड है, एकजुट है और मजबूत है। (प्रकाश कुमार पांडेय)