नई दिल्ली। अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी को लेकर संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ है। हालांकि, पहली बार वित्त मंत्री ने अडाणी समूह और एलआईसी-एसबीआई को लेकर बयान दिया है। अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट के बीच एलआईसी के समूह में निवेश और एसबीआई के दिए कर्ज पर पहली बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि एसबीआई और एलआईसी का अडानी समूह की कंपनियों का एक्पोसजर लिमिट के भीतर है।
राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे पर विपक्ष के नोटिस को चेयरमैन ने अस्वीकार कर दिया और उन्होंने कहा कि राज्यसभा में ये नियमों के खिलाफ है। राज्यसभा में सभापति ने कहा कि कार्यवाही तभी चल सकती है, जब सदन सुचारू ढंग से काम कर रहा हो।
- संसद में अडानी मामले को लेकर रणनीति बनाने पर समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों ने बैठक की है
- बैठक के बाद कांग्रेस के सांसद ने कहा कि अगर आज सदन अडानी पर चर्चा नहीं की गई तो सदन में ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे
- कांग्रेस की बैठक में 16 विपक्षी पार्टियां मौजूद रहीं
- शिवसेना सांसद (उद्धव ठाकरे गुट) प्रियंका चतुर्वेदी ने नियम 267 के तहत एलआईसी और एसबीआई, आदि की होल्डिंग के मामले पर चर्चा करने के लिए राज्यसभा में कार्यस्थगन प्रस्तवा दिया है
अडाणी को अमेरिकी शेयर बाजार से भी झटका
अडाणी समूह की फ्लैगशिप कंपनी अडाणी इंटरप्राइजेज को डाओ जोंस सस्टेनबिलिटी इंडेक्स से हटाने का फैसला लिया गया है। 7 फरवरी 2023 से अडानी इंटरप्राइजेज इस इंडेक्स में ट्रेड नहीं करेगा। यह अडाणी समूह के लिए बड़ा झटका है, अमेरिकी शेयर बाजार ने अपने इंडेक्स में इस बदलाव किए जाने की जानकारी दी है।
- इंडेक्स की घोषणा में कहा गया कि अडानी इंटरप्राइजेज (XMOB:52599) को डाओ जोंस सस्टेनबिलिटी इंडेक्स से हटाया जाएगा
- यह फैसला स्टॉक में हेराफेरी और अकाउंटिंग फ्रॉड के आरोपों के बाद लिया गया है
- S&P Dow Jones अपने सस्टेनबिलिटी इंडेक्स में 7 फरवरी से बदलाव करेगा
- हिंडनबर्ग के रिपोर्ट के बाद अडानी समूह के शेयरों की भारी पिटाई होने के बाद Dow Jones का ये फैसला आया है
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज भी रुख बदल रहा
इससे पहले गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE ने अडाणी ग्रुप की 3 कंपनियों को एडिशनल सर्विलांस मार्जिन फ्रेमवर्क में डालने का फैसला लिया था।
- एएसएम में डालने का मतलब यह है कि इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए भी 100 फीसदी अपफ्रंट मार्जिन की जरूरत होगी और इससे शॉर्ट सेलिंग पर कुछ अंकुश लग सकेगा
- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने शेयर में अडानी समूह के शेयरों में उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए लिया है, हालांकि शुक्रवार को भी बाजार में गिरावट बनी रही
- शेयर में भारी गिरावट के साथ अडाणी समूह कारोबार कर रहा है
- अडाणी समूह की इन 3 कंपनियों को एएसएम में शामिल किया गया है, जिनमें अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises), अडानी पोर्ट (Adani Port) और अंबुजा सीमेंट (Ambuja Cement) को शामिल किया गया है
शेयरों में भारी गिरावट
शुक्रवार के ट्रेडिंग सेशन में भी बाजार ने अडाणी समूह पर भरोसा नहीं किया और निवेशक लगातार अडाणी समूह के शेयर बेच रहे हैं। अडानी इंटरप्राइजेज 35 फीसदी के गिरावट के साथ 1017 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, अडानी ग्रीन एनर्जी 10 फीसदी, अडाणी पोर्ट्स 11 फीसदी, अडाणी पावर 5 फीसदी, अडाणी टोटल गैस 5 फीसदी, अडाणी ट्रांसमिशन 10 फीसदी और अडाणी विल्मर 5 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है.





