एमपी में फिर लौटी ठंड, कई जिलों में घना कोहरा
27-28 जनवरी को बारिश का अलर्ट, स्ट्रॉन्ग सिस्टम से मावठा गिरने के आसार
मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। रविवार से प्रदेश के कई हिस्सों में ठंड का असर बढ़ गया है। सुबह के समय घना कोहरा छाने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं दिन और रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के आधे हिस्से में 27 और 28 जनवरी को बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही स्ट्रॉन्ग सिस्टम की वजह से मावठा गिरने की संभावना जताई गई है, जिससे किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 26 जनवरी को उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) इस बार काफी स्ट्रॉन्ग है। इसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल, बारिश और कोहरे का मिला-जुला असर बना हुआ है। रविवार सुबह से ही कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
IMD (मौसम विज्ञान केंद्र), भोपाल के मुताबिक उत्तर भारत में इस समय दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन सक्रिय हैं। इसके अलावा एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और ट्रफ लाइन की भी एक्टिविटी देखी जा रही है। इन्हीं मौसम प्रणालियों के चलते पिछले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी तो कहीं-कहीं तेज बारिश भी हुई।
शनिवार को भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम ठंडा बना रहा। छतरपुर, रतलाम समेत 10 से ज्यादा जिलों में तेज हवाएं चलीं, जिससे ठंड का अहसास और बढ़ गया। राजधानी भोपाल में दिन के समय बादल छाए रहे, हालांकि धूप भी बीच-बीच में निकलती रही। ठंडी हवाओं के कारण लोगों ने दिन में भी गर्म कपड़ों का सहारा लिया।
शनिवार देर शाम नरसिंहपुर जिले के सालीचौका क्षेत्र में अचानक मौसम बदला और करीब 20 से 25 मिनट तक तेज बारिश हुई। इस अचानक हुई बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों और घरों के बाहर शरण लेते नजर आए।
मौसम विभाग ने बताया है कि 27 और 28 जनवरी को प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना है। 27 जनवरी को भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ने के आसार हैं।
वहीं 28 जनवरी को जबलपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, कटनी, दमोह, सागर, नरसिंहपुर, विदिशा और रायसेन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में बादल छाए रहेंगे और तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक तेज ठंड पड़ने की संभावना से इनकार किया है। विभाग का कहना है कि फिलहाल शीतलहर जैसे हालात नहीं बनेंगे, लेकिन सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। शनिवार को भी भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, निवाड़ी समेत करीब 22 जिलों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा देखा गया। दतिया में सबसे ज्यादा घना कोहरा रहा, जहां दृश्यता काफी कम हो गई। भोपाल और नौगांव में भी सुबह के समय विजिबिलिटी कम दर्ज की गई।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सिस्टम के असर से रबी फसलों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। मावठा गिरने की स्थिति में गेहूं, चना और सरसों की फसलों को फायदा मिल सकता है, लेकिन ज्यादा बारिश से नुकसान की भी आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और आवश्यक सावधानियां बरतें।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में आने वाले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा। ठंड, कोहरा और बारिश का यह दौर लोगों की दिनचर्या के साथ-साथ खेती और यातायात को भी प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि कोहरे और बारिश के दौरान सतर्क रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।





