शीतलहर के साथ बढ़ेगी ठंड…कई राज्यों में घने कोहरे का अलर्ट: मौसम विभाग की चेतावनी

Heavy rains in several states today amid severe cold

शीतलहर के साथ बढ़ेगी ठंड…कई राज्यों में घने कोहरे का अलर्ट: मौसम विभाग की चेतावनी

नई दिल्ली। देश में ठंड ने अब पूरी तरह से जोर पकड़ लिया है। उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक शीतलहर का असर लगातार बना हुआ है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों में फिलहाल ठंड से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य, पूर्वी और उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में 14 दिसंबर 2025 तक शीतलहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है। इसके साथ ही कई इलाकों में घने और बहुत घने कोहरे का भी अलर्ट जारी किया गया है, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित हो सकता है।

देश के कई हिस्सों में सर्द हवाओं और गिरते तापमान ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में शीतलहर का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। IMD के अनुसार, पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र में भी शीतलहर के हालात बने रहेंगे। इन इलाकों में रात और सुबह के समय ठंड का असर अधिक रहेगा, जबकि दिन में धूप निकलने के बावजूद ठिठुरन महसूस की जा रही है।

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। IMD के मुताबिक, 14 दिसंबर तक यूपी के कई हिस्सों में सुबह और शाम बहुत घना कोहरा छा सकता है। खासकर तराई क्षेत्र में कोहरे का असर अधिक रहने की संभावना है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, असम, मेघालय, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 16 दिसंबर के बीच घना कोहरा रहने का अनुमान जताया गया है। कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर पड़ने की आशंका है।

मौसम विभाग के अनुसार, 12 दिसंबर से उत्तर प्रदेश के मौसम में आंशिक बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव और पुरवा हवाओं के कारण आगामी तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। हालांकि, तापमान में यह बढ़ोतरी भी लोगों को ठंड से बड़ी राहत नहीं दे पाएगी, क्योंकि घने कोहरे और सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन बनी रहेगी। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 दिसंबर की सुबह तक तराई क्षेत्र में घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

तराई के जिलों में सबसे ज्यादा असर
उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र के कई जिले कोहरे से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। मौसम विभाग के अनुसार, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर, संत कबीर नगर और बस्ती जैसे जिलों में सुबह और शाम बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इन इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो सकती है, जिससे वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर में बदलता मौसम
देश की राजधानी दिल्ली में भी मौसम के तेवर लगातार बदलते नजर आ रहे हैं। कभी ठंड बढ़ जाती है तो कभी दिन में हल्की गर्माहट महसूस होती है। गुरुवार को इस दिसंबर में पहली बार दिल्ली का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सर्दी के बढ़ते असर का संकेत है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 12 से 14 दिसंबर तक दिल्ली में अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। हालांकि, सुबह और शाम को कोहरा और रात के समय धुंध छाए रहने की संभावना है, जिससे ठंड का अहसास बना रहेगा।

इन राज्यों में शीतलहर का अलर्ट
IMD ने महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ), पश्चिम मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तर कर्नाटक के लिए 14 दिसंबर तक शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में अलग-अलग जगहों पर कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। खासकर ग्रामीण और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। इसके बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, देश के अन्य हिस्सों में अगले सात दिनों तक रात के तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।

ठंड और कोहरे के बढ़ते असर को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह-शाम अनावश्यक यात्रा से बचने, गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। घने कोहरे के कारण सड़क हादसों की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और फॉग लाइट का इस्तेमाल करने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग की चेतावनी साफ है कि आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे का असर बना रहेगा, ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

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