सर्द हवाओं ने बढ़ाई गलन, मध्य प्रदेश में अगले 5 दिनों तक शीतलहर का अलर्ट
मध्य प्रदेश में दिसंबर की शुरुआत के साथ ही ठंड ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर से आने वाली तेज़ और सर्द हवाओं ने पूरे प्रदेश में गलन बढ़ा दी है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले पांच दिनों तक ठंड में और इजाफा होने का अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित माने जा रहे हैं। तेज़ ठंडी हवाओं के कारण कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है।
19 शहर 10 डिग्री से नीचे, रीवा सबसे ठंडा
बढ़ती ठंड का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भोपाल सहित राज्य के 19 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। रीवा राज्य का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां शनिवार की रात पारा 5.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। दूसरी ओर ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री और जबलपुर में 9.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों में तापमान और गिरेगा। मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर शीतलहर जैसी स्थिति बनने की पूरी संभावना है।
नवंबर ने तोड़े रिकॉर्ड, दिसंबर भी कर सकता है कमाल
राजधानी भोपाल में इस साल नवंबर की ठंड ने 84 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इंदौर में भी 25 साल में सबसे ज्यादा ठंड नवंबर में ही देखी गई। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस बार दिसंबर भी रिकॉर्डतोड़ साबित हो सकता है।
प्रदेश में मौजूदा तापमान गिरावट का कारण उत्तरी हवाओं के साथ पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवामंडल का संयुक्त प्रभाव है। मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन ने बताया कि इन मौसम प्रणालियों के कारण पूरे प्रदेश में तापमान में अचानक गिरावट देखने को मिल रही है।
अगले 48 घंटे में और गिरेगा पारा
मौसम विज्ञानियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले 48 घंटे में भोपाल, ग्वालियर, सागर, रीवा और इंदौर समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है। हिमालय से आ रही बर्फीली हवाएं लगातार सक्रिय हैं, जिसके चलते मध्य प्रदेश में शीतलहर जैसी स्थिति बनी रहेगी।
प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह और देर शाम गलन के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। धुंध और ठिठुरन बढ़ने से सड़क यातायात भी प्रभावित हो सकता है।
स्वास्थ्य पर बढ़ रहा खतरा, हार्ट अटैक का जोखिम दोगुना
कड़ाके की ठंड न सिर्फ असहज करती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती है। ठंड के दौरान हार्ट अटैक का खतरा 30–50% तक बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह 4 से 6 बजे के बीच तापमान सबसे कम होता है। ऐसे में इस समय मॉर्निंग वॉक पर जाना हार्ट पेशेंट्स, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने साफ तौर पर सलाह दी है कि अत्यधिक ठंड में सुबह जल्दी घर से निकलने से बचें।
मौसम विभाग की एडवाइजरी — बचाव ही सबसे बड़ा उपाय
IMD ने जनता के लिए कुछ महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है—
सुबह और रात घर से निकलते समय पूरे शरीर को ढकें।
बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से विशेष सुरक्षा दें।
हार्ट या सांस की बीमारी वाले लोग ठंडे वातावरण से बचें।
हीटर का उपयोग सुरक्षित तरीके से करें, कमरे में वेंटिलेशन रखें।
अनावश्यक यात्रा से बचें, धुंध के समय वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
शीतलहर का असर रहेगा लंबे समय तक
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार ठंड का दौर लंबा खिंच सकता है। उत्तर भारत में लगातार हो रहीं बर्फबारी और ठंडी हवाओं की दिशा में बदलाव न होने के कारण मध्य प्रदेश में दिसंबर का पूरा महीना ठिठुरन भरा रहने की संभावना है। भविष्यवाणी के अनुसार, कई जिलों में पारा 5–6 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि कुछ उत्तरी इलाकों में यह उससे भी नीचे जा सकता है।
सर्द हवाओं ने मध्य प्रदेश में ठंड के तेवर तेज कर दिए हैं। 19 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे और रीवा में 5.8 डिग्री तक गिरने के साथ ही मौसम विभाग ने आने वाले पांच दिनों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। ठंड का यह दौर अभी खत्म होने वाला नहीं है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ठंड बढ़ेगी, गलन बढ़ेगी — लेकिन जागरूकता ही बचाव है।