लखनऊ में ‘कोल्ड डे’ का अलर्ट: सीजन के सबसे सर्द दिन के बाद 1 जनवरी तक स्कूलों में छुट्टी, ठंड से कांपा उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के बाद उत्तर भारत में पहुंची बर्फीली पछुआ हवाओं ने प्रदेश भर में ठिठुरन बढ़ा दी है। राजधानी लखनऊ में रविवार को इस सीजन का अब तक का सबसे सर्द दिन दर्ज किया गया, जिसके बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कक्षा 12वीं तक के सभी बोर्ड के स्कूलों को 1 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की जाएगी।
लखनऊ में सीजन का सबसे ठंडा दिन
रविवार को लखनऊ का मौसम बेहद सर्द और उदासीन बना रहा। दिनभर सूरज की आंख-मिचौली चलती रही, लेकिन ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण धूप का असर न के बराबर रहा। दोपहर में अधिकतम तापमान गिरकर करीब 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम दिन का तापमान माना जा रहा है। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। सुबह और देर शाम कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी कम रही, जिससे सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ।
रविवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे कुछ समय के लिए सूरज की हल्की झलक दिखाई दी, लेकिन कुछ ही देर में वह फिर बादलों और धुंध के पीछे छिप गया। शाम होते-होते हालात और खराब हो गए। करीब चार बजे ही अंधेरा सा छा गया और सड़कों पर चल रहे वाहनों को अपनी लाइटें जलानी पड़ीं। ठंडी हवाओं के चलते लोग घरों से निकलने से बचते नजर आए।
‘शीत दिवस’ का यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए लखनऊ में ‘कोल्ड डे’ यानी शीत दिवस का यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, दिन के समय तापमान सामान्य से काफी नीचे बना रह सकता है और ठंडी पछुआ हवाएं गलन को और बढ़ाएंगी। इसके साथ ही सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों पर जारी बर्फबारी का असर अभी कुछ दिन और मैदानी इलाकों में बना रहेगा।
1 जनवरी तक स्कूलों में अवकाश
भीषण ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के सभी स्कूलों को 1 जनवरी तक बंद रखने का निर्देश दिया है। यह आदेश कक्षा 12वीं तक के सभी बोर्ड—यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई—के सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों की सेहत को प्राथमिकता दी जाए और ठंड के कारण किसी भी तरह की परेशानी न होने दी जाए।
सरकारी बयान में कहा गया है कि छोटे बच्चों और किशोरों पर ठंड का असर अधिक पड़ता है। सुबह-सुबह स्कूल जाने के दौरान उन्हें कोहरे और सर्द हवाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला लिया गया है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और नगर निकायों को निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने, रैन बसेरों की व्यवस्था करने और जरूरतमंद लोगों को कंबल उपलब्ध कराने के इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। खासतौर पर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, चौराहों और खुले इलाकों में अलाव की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ नगर निगम ने भी शहर के प्रमुख इलाकों में अलाव जलाने और रैन बसेरों में सुविधाएं बढ़ाने का दावा किया है। इसके अलावा, निराश्रित और बेघर लोगों को ठंड से बचाने के लिए सामाजिक संगठनों के सहयोग से राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं।
जनजीवन पर असर
कड़ाके की ठंड और कोहरे का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। सुबह और देर शाम सड़कों पर आवाजाही कम रही। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। बाजारों में भी रौनक कुछ कम नजर आई। ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों, अलाव और चाय की दुकानों का सहारा लेते दिखे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और सांस के रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ठंड के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी, सांस की दिक्कत और जोड़ों के दर्द की शिकायतें बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों ने सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश में ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। पछुआ हवाओं का असर जारी रहेगा और तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है। हालांकि, नए साल के आसपास मौसम में थोड़ा बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन तब तक ठंड और गलन से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में ठंड ने अपना पूरा असर दिखाना शुरू कर दिया है। सरकार और प्रशासन की ओर से एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं लोगों से भी अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें और जरूरतमंदों की मदद करें। नए साल की दस्तक से पहले प्रदेश कड़ाके की सर्दी की चपेट में है और फिलहाल राहत के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।