उत्तर से दक्षिण तक सर्दी का सितम
घना कोहरा और शीतलहर से जनजीवन बेहाल
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज इन दिनों बेहद सख्त बना हुआ है। एक ओर बंगाल की खाड़ी में दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो रहा है, तो दूसरी ओर उत्तर, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीतलहर ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए बहु-स्तरीय मौसम चेतावनी जारी की है, जिसमें घने कोहरे, ‘कोल्ड डे’ और ‘कोल्ड वेव’ की आशंका जताई गई है।
उत्तर भारत में ठंड का असर सबसे ज्यादा पहाड़ी और मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी की अब तक की सबसे ठंडी रात रही। कश्मीर घाटी में पानी की पाइपलाइनें जमने लगी हैं और झीलों के किनारों पर बर्फ की परत दिखने लगी है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भी ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
IMD के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में अगले 5 से 7 दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की प्रबल संभावना है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में दृश्यता कई जगहों पर बेहद कम हो सकती है। कोहरे की वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। कई इलाकों में ट्रेनों की आवाजाही पहले से ही प्रभावित हो रही है, वहीं सुबह के समय हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बहुत घना कोहरा रह सकता है। यह स्थिति 15 जनवरी तक हल्की तीव्रता के साथ जारी रह सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
‘कोल्ड डे’ की स्थिति
ठंड का असर सिर्फ रात तक सीमित नहीं है। दिन के समय भी तापमान सामान्य से काफी नीचे रहने के कारण ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बन रही है। IMD के अनुसार, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में अगले 1 से 3 दिनों तक शीत दिवस यानी ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बनी रह सकती है। इसका मतलब है कि धूप निकलने के बावजूद दिन में ठंड से राहत नहीं मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि बादलों की मौजूदगी और ठंडी हवाओं के कारण सूरज की गर्मी जमीन तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे दिन का तापमान भी गिरा हुआ है।
शीतलहर का कहर
इसके अलावा कई राज्यों में ‘कोल्ड वेव’ यानी शीतलहर की चेतावनी भी जारी की गई है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में अगले 2 से 3 दिनों तक शीतलहर का असर रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे जा सकता है, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है।
मध्य भारत और पूर्वोत्तर में भी असर
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य भारत, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम के कुछ हिस्सों में अगले 2 से 3 दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में धुंध और कोहरे की वजह से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
समंदर में हलचल, दक्षिण में बारिश
उत्तर और मध्य भारत जहां ठंड और कोहरे से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज अलग रूप ले रहा है। IMD ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तथा पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर गहरा दबाव बना हुआ है। इसका असर तमिलनाडु और आसपास के तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने तमिलनाडु में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण देश के कई हिस्सों में जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई है। सुबह और देर रात घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। खुले में काम करने वाले मजदूरों और दिहाड़ी श्रमिकों पर ठंड का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। अस्पतालों में सर्दी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।
मौसम विभाग ने लोगों को ठंड और कोहरे को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। गर्म कपड़े पहनने, अनावश्यक यात्रा से बचने और कोहरे के समय वाहन चलाते वक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है। कुल मिलाकर, आने वाले कुछ दिन देश के बड़े हिस्से के लिए मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। जहां उत्तर और मध्य भारत में ठंड, कोहरा और शीतलहर का असर जारी रहेगा, वहीं दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है।