सीएम योगी का दिखा पुराना अंदाज…विपक्ष पर बिफर मुख्यमंत्री कहा— पहले की सरकार कब्रिस्तान पर करती थी पैसा खर्च
लखीमपुर खीरी में आयोजित स्मृति जन्मोत्सव मेला-2025 के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर अपने पुराने अंदाज़ में विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। सीएम योगी ने कहा कि पहले सरकारों का पैसा जनता की आस्था स्थलों पर नहीं, बल्कि कब्रिस्तान की बाउंड्री पर खर्च होता था। सीएम का यह बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। वहीं कार्यक्रम में उन्होंने संत कबीरदास के आदर्शों और प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली की भी प्रशंसा की।
योगी बोले—कब्रिस्तान में जाता पैसा
पूर्व सरकारों पर योगी का वार
यूपी में विकास की नई परिभाषा
संत कबीर को सीएम का नमन
कबीरधाम नाम पर योगी का ऐलान
मोदी की कार्यशैली की तारीफ की
लखीमपुर से विपक्ष पर प्रहार
कानून व्यवस्था पर बोले सीएम योगी
संतों के सान्निध्य में बड़ा कार्यक्रम
डबल इंजन सरकार का विकास मंत्र
योगी का तीखा प्रहार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने बेबाक बयानों और कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं। सोमवार को लखीमपुर खीरी पहुंचे सीएम योगी ने स्मृति जन्मोत्सव मेला-2025 में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने यूपी की पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा —
“जहां पर आम जनमानस की आस्था है, वहां हमने धनराशि उपलब्ध करवाई, लेकिन पहले यह पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री में जाता था।”
योगी के इस बयान से उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी सरकार ने प्राथमिकता के साथ जनता के विश्वास से जुड़े स्थलों को संवारने का काम किया है।
विकास और पहचान का संदेश
सीएम योगी ने कहा कि भाजपा की सरकार उत्तर प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश की छवि कानून-व्यवस्था के कारण खराब होती थी, लेकिन आज यूपी निवेश और सुरक्षा के लिए उदाहरण बन चुका है।
योगी बोले — “पहले की सरकारों ने जनता के पैसों का गलत इस्तेमाल किया, लेकिन हमने हर क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही लाई है।”
संत कबीर पर बोले योगी
कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने संत कबीरदास को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने निर्गुण भक्ति की सशक्त धारा बहाई और समाज की विसंगतियों पर प्रहार किया। योगी बोले — “कबीरदास जी ने आत्मा और परमात्मा के संबंध को बड़ी सहजता से बताया। उनके दोहे और साखियाँ आज भी मार्गदर्शन देती हैं।”
योगी ने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने कबीरदास की विरासत को आगे बढ़ाने का काम किया है। मगहर में कबीर पीठ और शोध केंद्र बनाकर कबीर की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाया गया है।
‘मुस्तफाबाद नहीं, कबीरधाम’
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने प्रदेश में कई जगहों के नाम बदले ताकि वहां की सांस्कृतिक पहचान को सहेजा जा सके। उन्होंने कहा —“हमने कहा कि अब यह नाम बदलना चाहिए। मुस्तफाबाद नहीं, कबीरधाम इसका नाम रख दो।” योगी ने कहा कि प्रदेश के गांव-शहरों की पहचान उनकी परंपरा, संस्कृति और संतों के नाम से जुड़ी होनी चाहिए।
पीएम मोदी की प्रशंसा
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि 2014 के बाद भारत की तकदीर और तस्वीर दोनों बदली हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही दुनियाभर में देश का गौरव बढ़ाया है।
सीएम बोले — “भारत माता के सपूत नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।”
संतों के सान्निध्य में कार्यक्रम
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कई साधु-संत, स्थानीय नेता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि संतों का सान्निध्य समाज को सही दिशा देता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे संत कबीरदास के मार्ग पर चलकर समाज में सद्भाव और एकता बनाए रखें।
राजनीतिक संकेत साफ़
योगी का यह बयान कि “पहले पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री पर जाता था” न सिर्फ विपक्ष पर प्रहार है, बल्कि आने वाले निकाय और पंचायत चुनावों से पहले भाजपा के सांस्कृतिक एजेंडे का भी संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि योगी का यह भाषण विकास के साथ-साथ हिंदुत्व और परंपरा की पृष्ठभूमि में तैयार किया गया है।
लखीमपुर की धरती से सीएम योगी का यह बयान एक बार फिर दिखाता है कि वे न सिर्फ विकास के मुद्दे पर बल्कि सांस्कृतिक अस्मिता पर भी अपनी सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचा रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके इस बयान पर विपक्ष क्या प्रतिक्रिया देता है। प्रकाश कुमार पांडेय