उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड:सरकार ठंड से प्रभावित लोगों की मदद के लिए काम कर रही है-मुख्यमंत्री योगी

CM Yogi said that the government is working to help those affected by the cold

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का कहर

 सीएम योगी ने की शांति और करुणा की अपील

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर भारत में लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहर के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम नागरिकों से संयम, सहयोग और संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील की है। मंगलवार को उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी गंभीरता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ ठंड से प्रभावित लोगों की मदद में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कठोर सर्दी के इस दौर में हर एक जीवन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी अपने संदेश में कहा कि प्रदेश भर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राहत कार्यों को पूरी संवेदनशीलता और जन-केंद्रित दृष्टिकोण से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि ठंड के कारण किसी भी नागरिक को असहाय स्थिति का सामना न करना पड़े।

रैन बसेरे पूरी क्षमता के साथ संचालित

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में रैन बसेरों को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जा रहा है। इन रैन बसेरों में बेघर, जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें कंबल, रजाइयां, पीने का पानी, अलाव और हीटर जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि अन्य जिलों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों और छात्रों को भी इन रैन बसेरों में ठहराया जा रहा है, ताकि ठंड के कारण उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।

कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नगर निकायों और तहसील प्रशासन को सक्रिय कर दिया गया है। जरूरतमंद लोगों के बीच ऊन के कपड़े और कंबल वितरित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों, चौराहों और बस अड्डों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है, ताकि खुले में रहने वाले लोगों को राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी व्यक्ति ठंड में असहाय न रहे

गौशालाओं में भी विशेष इंतजाम

कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रदेश की गौशालाओं में भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पशुओं को ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त कंबल और अलाव की व्यवस्था की गई है। सरकार का उद्देश्य है कि इंसानों के साथ-साथ पशुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।

कोहरे से निपटने के लिए सुरक्षा कदम

घने कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए सड़क परिवहन और यातायात व्यवस्था को मजबूत किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रमुख सड़कों और हाईवे पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही लोगों को सतर्क करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

जनभागीदारी की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत कार्यों में जनसहभागिता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास काम करने वाले घरेलू सहायकों, सफाईकर्मियों, सुरक्षा गार्डों और खुले में काम करने वाले अन्य लोगों की स्थिति पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि एक कप चाय पिलाना, गर्म कपड़े देना या रैन बसेरे तक पहुंचाने में मदद करना जैसे छोटे प्रयास भी किसी के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “ऐसे समय में ही मानवीय मूल्यों और संवेदनशीलता की वास्तविक परीक्षा होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अंत्योदय से सर्वोदय के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। यानी समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति से लेकर सभी वर्गों के कल्याण तक सरकार की नीतियां केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण की दिशा में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां समावेशी शासन और नागरिकों की भागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रदेश में ठंड का हाल

इससे पहले शनिवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अयोध्या में घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो गई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई।

वहीं मुरादाबाद में भी लोग ठंड से बचने के लिए अलाव जलाते और मोटे कपड़े पहनते नजर आए। यहां न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में बढ़ती ठंड के बीच सरकार और प्रशासन पूरी तत्परता के साथ राहत कार्यों में जुटा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील साफ संकेत देती है कि यह समय सिर्फ प्रशासनिक प्रयासों का ही नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी और मानवीय सहयोग का भी है। यदि सरकार और समाज मिलकर काम करें, तो इस कठिन मौसम से किसी भी जान को खतरा नहीं होगा।

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