हिमाचल में बादल फटने से भारी तबाही, मंडी में 4 लोगों की मौत, 287 को रेस्क्यू किया…NDRF-SDRF ने संभाला मोर्चा

Cloudburst and flash floods cause massive destruction in Himachal Mandi worst affected

हिमाचल में बादल फटने और फ्लैश फ्लड से भारी तबाही, मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित … 287 लोगों को रेस्क्यू किया

पहाड़ों पर लगातार भारी बारिश तबाही मचा रही है। हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और अचानक बाढ़ फ्लैश फ्लड आने से 4 लोगों की मौत हो गई। इस दौरान किसी तरह 287 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। वहीं हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने राज्य के कई हिस्सों में तबाही मचा दी है। मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है जहां बादल फटने की 10 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसके चलते जानमाल का भारी नुकसान हुआ है, जबकि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाल ली है।

मंडी में 4 लोगों की मौत, 16 लापता

पंडोह डैम से छोड़ा गया रिकॉर्ड पानी

मंडी स्थित पंडोह डैम से इस साल का सर्वाधिक 1,57,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। राज्य में फ्लैश फ्लड की 4 घटनाएं और कई स्थानों पर भूस्खलन (landslides) भी हुए हैं।

शिक्षण संस्थानों पर असर

एहतियातन राज्य के प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल और कॉलेजों को दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अफवाहों से बचने, और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

रेस्क्यू अभियान: चौबीसों घंटे जारी राहत कार्य
अब तक 287 लोगों को रेस्क्यू किया गया है
मंडी से 233
हमीरपुर से 51
चंबा से 3
NDRF और SDRF की दो-दो टीमें करसोग, गोहर और थुनाग में तैनात हैं। आपातकालीन सेवाएं दिन-रात राहत और बचाव में जुटी हैं। जिला प्रशासन ने कहा है कि हालात पर करीबी निगरानी रखी जा रही है। आपातकालीन केंद्रों से ताज़ा जानकारी जल्द जारी की जाएगी। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे नदियों के पास न जाएं, अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी संकट की स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क करें। हिमाचल प्रदेश एक बार फिर प्रकृति के प्रकोप से जूझ रहा है। स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है, लेकिन राहत दलों की तत्परता और प्रशासन की सक्रियता से बहुत से लोगों की जान बचाई जा सकी है।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा प्रभावित

बारिश के चलते उत्तराखंड में चारधाम यात्रा मार्ग बुरी तरह प्रभावित है। तीसरे दिन मंगलवार को भी यमुनोत्री मार्ग बंद ही रहा। जिसके चलते 300 से अधिक श्रद्धालु यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर फंस गये हैं। स्थानीय प्रशासन यात्रियों को निकालने और सड़कें ठीक करने में जुटा है। बता दें चारधाम के यात्रियों का पंजीकरणा तो हो रहा है, लेकिन यात्रा शुरू करने के लिए उन्हें प्रशासन की अनुमति का इंतजार करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण यात्रा मार्ग बाधित है। केदारनाथ में बीती शाम तक 7 हजार श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। जबकि इससे पहले एक हफ्ते पहले रोज 20 हजार पहुंच रहे थे। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर भी भूस्खलन से यात्रा। से यात्रा प्रभावित है। …(प्रकाश कुमार पांडेय)

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