कंधे पर हाथ और समर्थन की अपील: बिहार की राजनीति में साफ हो रहे संकेत, क्या सम्राट चौधरी होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी?

Samrat Choudhary succeed Nitish Kumar

कंधे पर हाथ और समर्थन की अपील: बिहार की राजनीति में साफ हो रहे संकेत, क्या सम्राट चौधरी होंगे नीतीश के उत्तराधिकारी?

बिहार की राजनीति इन दिनों एक बड़े बदलाव की आहट महसूस कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि उनके बाद राज्य की कमान किसके हाथों में होगी। सत्ता के गलियारों में चल रही अटकलों और राजनीतिक चर्चाओं के बीच खुद नीतीश कुमार ने अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान ऐसे संकेत दिए हैं, जिन्हें उनके संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री के हालिया बयानों और मंच पर किए गए इशारों से यह संकेत मिल रहा है कि बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को आगे की भूमिका के लिए तैयार किया जा रहा है।

समृद्धि यात्रा से शुरू हुआ संकेतों का सिलसिला

राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10 मार्च से अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ का तीसरा चरण शुरू किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के कई जिलों का दौरा किया। इस चरण में सुपौल, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय और शेखपुरा जैसे जिलों में जनसभाएं और कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के दौरान मंच से दिए गए उनके कुछ बयान और हावभाव राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गए। कई लोगों ने इसे बिहार के संभावित नेतृत्व परिवर्तन का संकेत माना।

पूर्णिया से मिला पहला ‘हिंट’

12 मार्च को पूर्णिया में आयोजित एक सभा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंच से संबोधन करते हुए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि “अब हमारे काम को यही लोग आगे बढ़ाएंगे।” उस समय मंच पर सम्राट चौधरी के साथ जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री Vijay Kumar Chaudhary भी मौजूद थे। उस वक्त कई लोगों ने इसे सामान्य राजनीतिक बयान माना, लेकिन बाद के घटनाक्रम ने इस बयान को ज्यादा अहम बना दिया।

सहरसा में और स्पष्ट हुआ संदेश

पूर्णिया के बाद जब समृद्धि यात्रा सहरसा पहुंची तो वहां एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर उन्हें आगे बढ़ाया और जनता से उनका समर्थन करने की अपील की। नीतीश कुमार ने लोगों से यह भी कहा कि अगर राज्य में हुए विकास कार्यों को लेकर कोई सुझाव या शिकायत हो तो वे सम्राट चौधरी को बता सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब आगे के काम को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी इन्हीं लोगों की होगी। इस पूरे घटनाक्रम को देखकर राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि मुख्यमंत्री जनता के सामने परोक्ष रूप से अपने उत्तराधिकारी का संकेत दे रहे थे।

बीजेपी मुख्यमंत्री की चर्चा भी तेज

नीतीश कुमार के संभावित राज्यसभा जाने की चर्चा के साथ ही बिहार में यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि अगर सत्ता परिवर्तन होता है तो राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बन सकता है। चूंकि सम्राट चौधरी भाजपा से आते हैं और वर्तमान में उपमुख्यमंत्री हैं, इसलिए उनका नाम सबसे प्रमुख दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। हालांकि अभी तक इस संबंध में किसी भी दल की ओर से औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

शिवानंद तिवारी ने भी किया इशारों का जिक्र

पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता Shivanand Tiwari ने भी इन घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का व्यवहार बहुत कुछ संकेत देता है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में कई मंत्री और नेता मौजूद थे, लेकिन सम्राट चौधरी को लेकर नीतीश कुमार का रवैया अलग दिखाई दिया। पूर्णिया और सहरसा के कार्यक्रमों में जिस तरह मुख्यमंत्री ने चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर उन्हें आगे बढ़ाया, उससे यह साफ संकेत मिलता है कि उन्हें आगे की भूमिका के लिए तैयार किया जा रहा है।

अभी औपचारिक घोषणा बाकी

हालांकि इन सभी घटनाओं के बावजूद अभी तक आधिकारिक तौर पर यह घोषणा नहीं हुई है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाएंगे या उनके बाद बिहार का नेतृत्व कौन संभालेगा। फिलहाल राजनीतिक गलियारों में इन संकेतों को लेकर चर्चाएं तेज हैं और सभी की नजर आने वाले दिनों में होने वाले संभावित राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई है। बिहार की राजनीति में अगर नेतृत्व परिवर्तन होता है तो यह राज्य की सियासत में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।

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