चीन और अमेरिका के युवाओं के बीच संवाद, सांस्कृतिक समझ और शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित “2026 चीन-अमेरिका युवा भविष्य पर चर्चा” कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 3 जुलाई को अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन से शुरू हुई यह पहल 23 जुलाई को चीन की राजधानी पेइचिंग में समाप्त हुई। कार्यक्रम के दौरान दोनों देशों के विश्वविद्यालयों के छात्रों ने विभिन्न शहरों का दौरा किया, शोध गतिविधियों में हिस्सा लिया और एक-दूसरे के सामाजिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक अनुभवों को करीब से समझने का अवसर प्राप्त किया।
दोनों देशों के 20 से अधिक विश्वविद्यालयी छात्रों ने साझा किए अपने अनुभव और शोध के निष्कर्ष
कार्यक्रम के समापन अवसर पर पेइचिंग में आयोजित सत्र में चीन और अमेरिका के 20 से अधिक विश्वविद्यालयी छात्रों ने अपनी समर रिसर्च और फील्ड विजिट के अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों ने बताया कि इस कार्यक्रम ने उन्हें केवल अकादमिक जानकारी ही नहीं दी, बल्कि एक-दूसरे की संस्कृति और जीवनशैली को भी समझने का अवसर प्रदान किया। छात्रों ने संवाद और सहयोग को भविष्य के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
वॉशिंगटन से मोंटाना तक छात्रों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और स्थानीय समाज को करीब से जाना
कार्यक्रम के पहले चरण में प्रतिभागियों ने अमेरिका के वॉशिंगटन में अंतरराष्ट्रीय व्यापार विषय पर आयोजित मंच और राजनयिक सिमुलेशन गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसके बाद मोंटाना में पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों और मूल निवासी समुदायों के जीवन से जुड़ी जानकारी हासिल की। इस दौरान छात्रों ने विभिन्न सामाजिक और वैश्विक विषयों पर विचार-विमर्श भी किया।
युन्नान से पेइचिंग तक चीन की संस्कृति, कृषि और विरासत से हुए रूबरू
दूसरे चरण में छात्र चीन पहुंचे, जहां उन्होंने युन्नान प्रांत के खुनमिंग और ताली शहरों का भ्रमण किया। इस दौरान स्थानीय खेती, पारंपरिक चाय संस्कृति, ऐतिहासिक स्थलों और प्राचीन गांवों को करीब से देखा। इसके बाद सभी प्रतिभागी पेइचिंग पहुंचे, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ। तीन सप्ताह तक साथ रहने और विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के दौरान दोनों देशों के युवाओं के बीच आपसी समझ और दोस्ती भी मजबूत हुई।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)





