चीन ने 29 जुलाई को थ्येनल्येन-3 01 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया। शाम 7 बजकर 50 मिनट
पर चीन ने वनछांग अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र से लांग मार्च-7A वाहक रॉकेट के जरिए इस उपग्रह को
अंतरिक्ष में भेजा। प्रक्षेपण के बाद उपग्रह सफलतापूर्वक निर्धारित कक्षा में पहुंच गया और मिशन पूरी
तरह सफल रहा।
थ्येनल्येन-3 01 उपग्रह का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष यानों, अंतरिक्ष प्रयोगशालाओं और अंतरिक्ष
स्टेशन जैसे मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियानों के लिए डेटा रिले तथा ट्रैकिंग, टेलीमेट्री और कमांड
सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके अलावा यह मध्यम और निम्न कक्षा में मौजूद संसाधन उपग्रहों के
लिए भी डेटा संचार और निगरानी सेवाएं प्रदान करेगा।
यह मिशन लांग मार्च श्रृंखला के वाहक रॉकेटों की 659वीं सफल उड़ान थी। यह वनछांग अंतरिक्ष
प्रक्षेपण केंद्र का 50वां सफल मिशन भी था। इस उपलब्धि से पता चलता है कि चीन की नई पीढ़ी के
उच्च क्षमता वाले वाहक रॉकेटों का स्थिर और लगातार प्रक्षेपण अभियान अब सामान्य प्रक्रिया का
हिस्सा बन चुका है।
वनछांग अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र चीन द्वारा स्वतंत्र रूप से डिजाइन और निर्मित पहला हरित, पर्यावरण
अनुकूल और आधुनिक अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र है। वर्तमान में इस केंद्र के पास तीन बहुआयामी और हर
मौसम में काम करने वाले बड़े प्रक्षेपण प्लेटफॉर्म हैं। इनकी विशेषताओं में कम अक्षांश वाला स्थान,
व्यापक प्रक्षेपण दिशा क्षमता, बेहतर प्रक्षेपण दक्षता, परिवहन में कम सीमाएं और उच्च सुरक्षा
व्यवस्था शामिल हैं।
आधिकारिक योजना के अनुसार, वनछांग अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र इस वर्ष छांग’अ 7 मिशन को अंजाम
देगा। इसके अलावा भविष्य में यहां से मानवयुक्त चंद्र मिशन और भारी रॉकेटों की पहली उड़ान जैसे
महत्वपूर्ण अंतरिक्ष अभियानों को भी पूरा किया जाएगा।
चीन की योजना है कि वनछांग केंद्र की मदद से मानवयुक्त चंद्र अन्वेषण, गहरे अंतरिक्ष की खोज,
ग्रहों के अध्ययन, अंतरिक्ष स्टेशन के उपयोग और विकास तथा निम्न कक्षा वाले इंटरनेट उपग्रह
समूह के निर्माण जैसे क्षेत्रों को और मजबूत किया जाए।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)