ग्रीष्मकालीन पर्यटन से बदल रही चीन की अर्थव्यवस्था, ‘कूल डेस्टिनेशन’ बन रहे विकास और रोजगार के नए केंद्र

चीन में इस बार की गर्मियां केवल मौसम की वजह से नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था में आए बदलाव के कारण भी चर्चा में हैं। देशभर में ग्रीष्मकालीन पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है और इसे अब केवल छुट्टियों तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि आर्थिक विकास के नए इंजन के रूप में देखा जा रहा है। रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे और पहाड़ी पर्यटन स्थल यात्रियों से भरे हुए हैं। सरकार भी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां, उपभोक्ता वाउचर और बुनियादी ढांचे पर निवेश कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की विकास रणनीति अब केवल उद्योग और निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यटन और उपभोक्ता खर्च भी इसमें बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

सरकार की नई रणनीति के तहत पर्यटन को बनाया जा रहा है घरेलू खपत बढ़ाने का मजबूत आधार

चीन ने 8 जुलाई 2026 से राष्ट्रीय ग्रीष्मकालीन सांस्कृतिक एवं पर्यटन उपभोग अभियान की शुरुआत की। जुलाई और अगस्त के दौरान देशभर में 30,000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि 45 करोड़ युआन से ज्यादा के उपभोक्ता वाउचर जारी किए गए हैं। संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय ने वर्ष 2030 तक 8.3 अरब घरेलू यात्राओं और 7.7 ट्रिलियन युआन के पर्यटन खर्च का लक्ष्य तय किया है। सरकार का उद्देश्य पर्यटन के माध्यम से घरेलू खपत बढ़ाना और छोटे शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

पहाड़ी, ठंडे और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर बढ़ रही भीड़ से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा बड़ा सहारा

गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग चीन के ठंडे और पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं। हुनान के चांगजियाज्ये स्थित तियानमेन पर्वत पर प्रतिदिन करीब 10,000 पर्यटक पहुंच रहे हैं। क्वेइचो के लियुपानशुई में स्थित वुमेंग घास के मैदान का औसत तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहने से यह लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन गया है। वहीं, सछ्वान की लोंग्क्सी घाटी में राफ्टिंग का रोमांच पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। होपेई के छिनहुआंगदाओ में बुकिंग 2.2 गुना, जबकि शिनच्यांग के यिली में सेल्फ-ड्राइव पर्यटन की मांग 6.5 गुना बढ़ गई है। बढ़ती मांग को देखते हुए एयरलाइंस ने पश्चिमी चीन के कई रूटों पर अपनी उड़ानों की क्षमता 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ा दी है।

सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता नहीं, सांस्कृतिक अनुभव भी चीन के पर्यटन मॉडल की सबसे बड़ी पहचान बन रहे हैं

चीन में अब पर्यटक केवल प्राकृतिक नजारों के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का अनुभव लेने के लिए भी यात्रा कर रहे हैं। अमूर्त सांस्कृतिक विरासत वाले स्थलों की ऑनलाइन खोज में 71 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जियांग्शी का चिंगदेचेन अपने चीनी मिट्टी के बर्तनों, फुजियान का क्वानझोउ समुद्री विरासत और युन्नान का ताली अपनी सांस्कृतिक पहचान के कारण पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। औद्योगिक पर्यटन की मांग 2.3 गुना बढ़ी है, जबकि विदेशी पर्यटकों की बुकिंग पिछले वर्ष की तुलना में 6 गुना से अधिक बढ़ चुकी है। अनुमान है कि 62 दिन की ग्रीष्मकालीन यात्रा अवधि में चीन का रेल नेटवर्क 1.01 अरब यात्रियों को सेवा देगा और देश में 2.29 करोड़ विदेशी पर्यटक पहुंचेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि अनुभव आधारित पर्यटन भविष्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

 

 

 

 

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